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देहरादून: उत्तराखंड के लिए आज का दिन बेहद अहम है। सिर्फ प्रदेश ही नहीं देशभर के लोग यूसीसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मंगलवार को सदन में यूसीसी विधेयक पेश कर इस पर चर्चा होगी। आज उत्तराखंड विधानसभा सत्र का दूसरा दिन है और दूसरे दिन केवल यूसीसी पर चर्चा की जाएगी। हालांकि कांग्रेस विधायक दल इस निर्णय से नाराज है। दल ने मामले में राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से प्रदेश सरकार के नियम विरुद्ध सदन चलाने की शिकायत की। विपक्ष की मांग की थी कि यूसीसी पर चर्चा के लिए समय दिया जाए। सोमवार को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हुआ। इसके तहत प्रदेश की धामी सरकार आज मंगलवार को विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का संशोधित विधेयक पेश करेगी। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्यमंत्रणा बैठक में तय हुआ कि इस दौरान प्रश्नकाल और कार्यस्थगन तक नहीं होगा। इससे नाराज नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे दिया।
विपक्ष की मांग की थी कि यूसीसी पर चर्चा के लिए समय दिया जाए। उधर, यूसीसी को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मंगलवार को सदन में यूसीसी विधेयक पेश कर इस पर चर्चा होगी। यह उत्तराखंड के लिए युगांतकारी समय है। पूरे देश की नजर हम पर है। मातृ शक्ति के उत्थान के लिए सभी दलों के सदस्य सकारात्मक रूप से चर्चा में भाग लें। सरकार जनता से किया वादा पूरा करने जा रही है। यह मौका सौभाग्य से उत्तराखंड को मिल रहा है, जिसकी देश को लंबे समय से आवश्यकता थी। बता दें कि विधानसभा सत्र के पहले दिन सोमवार को सदन में छह वर्तमान और पूर्व विधायकों के निधन पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसमें वर्तमान विधानसभा में मंगलौर से बसपा विधायक रहे शरबत करीम अंसारी, पूर्व विधायक मोहन सिंह रावत गांववासी, पूरन चंद शर्मा, कुंवर नरेंद्र सिंह, किशन सिंह तड़ागी, धनीराम सिंह नेगी को सदन में याद कर पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने संस्मरण साझा किए।