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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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रुद्रप्रयाग: केदारघाटी जाने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी खबर है। यहां गौरीकुंड-केदारनाथ हाईवे एक महीने के लिए बंद रहेगा।
हाईवे पर वाहनों की आवाजाही थमी रहेगी, वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हाईवे के बंद रहने की वजह भी बताते हैं। दरअसल गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग कुंड-सेमी-भैंसारी से कालीमठ मार्ग तिराहा तक सुधारीकरण कार्य किया जाना है। जिसके चलते यहां वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। इस दौरान रुद्रप्रयाग से केदारघाटी जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग कुंड-चुन्नी बैंड-विद्यापीठ-कालीमठ से संचालित किया जाएगा। उप जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर एनएच को तत्काल प्रभाव से यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने हाईवे सुधारीकरण कार्य को बिना किसी परेशानी के पूरा कराने के लिए एक माह तक पांच किमी क्षेत्र में यातायात को पूर्णरूप से प्रतिबंधित कर दिया है।
हाईवे पर कुंड से सेमी-भैंसारी तक सुधारीकरण के साथ ही कुंड-काकड़ागाड़ बाईपास निर्माण के चलते 13 फरवरी से 12 मार्च तक रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय रजमार्ग कुंड पुल से कालीमठ गेट तक यातायात के लिए प्रतिबंधित किया गया है। बता दें कि जून 2013 की आपदा के बाद से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे कुंड से सेमी-भैंसारी तक भू-धंसाव जोन में है। बीते एक दशक में यहां पर सुरक्षा कार्य के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए जा चुके हैं। लेकिन, हालात जस के तस हैं। पिछले साल से प्रभावित क्षेत्र का तकनीक से ट्रीटमेंट किया जा रहा है। भू-धंसाव जोन में पांच किमी सड़क को सीसी किया जाना है। साथ ही निकास नाली बनाई जा रही है। यह पूरा क्षेत्र काफी संकरा है, जिस कारण सुधारीकरण कार्य के चलते आए दिन जाम लग रहा है। ऐसे में अब यहां वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर कालीमठ-विद्यापीठ-चुन्नी-कुण्ड मोटर मार्ग का प्रयोग किया जाएगा।