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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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उत्तरकाशी: उत्तरकाशी के तलड़ा गांव में रहने वाले लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
यहां कमल नदी पर बनी आरसीसी पुलिया बह गई थी, तब से नई पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया है। गांव से हर रोज पढ़ाई के लिए हुडोली जाने वाले बच्चे भी जैसे-तैसे नदी पार कर किसी तरह स्कूल पहुंचते हैं। गांव में 40 परिवार रहते हैं। बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि नदी पार करने के लिए बिछाए गए पत्थरों के ऊपर चलने से कभी भी कोई घटना हो सकती है, लेकिन प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा। बता दें कि वर्ष 2023 में बरसात के दौरान तलड़ा गांव को जोड़ने के लिए कमल नदी पर बनी दो दशक पुरानी आरसीसी पुलिया बह गई थी। जिसे अभी तक नहीं बनाया गया है।
ग्रामीणों ने विकल्प के तौर पर नदी में पत्थर बिछा रखे हैं और पत्थरों के ऊपर चलकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बारिश से पहले अगर कमल नदी पर पूर्व की भांति पुलिया नहीं बनती है तो उनके लिए टमाटर, बीन्स और सेब आदि फसलों को मंडी तक पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। नदी पार करते वक्त कई लोग चोटिल हो चुके हैं। बच्चों की जान भी हर वक्त खतरे में रहती है। मामले को लेकर पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कहा कि बरसात से पहले ग्रामीणों को वैकल्पिक व्यवस्था मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।