उत्तराखंड: कभी चाय और सब्जी बेचकर घर चलाते थे अजय भट्ट, सांसद बनकर क्षेत्र के विकास में दिया अपना योगदान

सांसद अजय भट्ट ने कम उम्र में ही पिता को खो दिया था। वे कभी आजीविका के लिए चाय बेचते थे, दूनागिरी मंदिर में चूड़ी बिंदी सहित सब्जी की दुकान चलाते थे।
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MP Ajay Bhatt: Lok sabha election 2024 bjp candidate Ajay bhatt
Image: Lok sabha election 2024 bjp candidate Ajay bhatt

देहरादून: बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश की पांच में से तीन लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है।

Lok sabha election 2024 bjp candidate Ajay bhatt

नैनीताल-ऊधमसिंहनगर लोकसभा सीट से सांसद अजय भट्ट एक बार फिर बीजेपी प्रत्याशी बनाए गए हैं। सांसद अजय भट्ट की उपलब्धियों की बात करें तो वह क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण जमरानी बांध के लिए वित्तीय व अन्य स्वीकृति लेने में सफल रहे। इसके अलावा मोदी के प्रोजेक्ट काठगोदाम नैनीताल रोपवे, हल्द्वानी नैनीताल मार्ग को डबल लेन बनवाने, रामगढ़ में रवींद्रनाथ टैगोर के विश्व भारती विवि के कैंपस की स्थापना करवाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी उनकी कोशिशों से स्वीकृत हो सके। अजय भट्ट का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने कम उम्र में ही पिता को खो दिया। वे कभी आजीविका के लिए चाय बेचते थे, दूनागिरी मंदिर में चूड़ी बिंदी सहित कभी सब्जी की दुकान चलाते थे। समाज सेवा का जज्बा उन्हें राजनीति में ले आया।

1985 में वे भाजयुमो से जुड़े और राज्य आंदोलन में भी सक्रिय रहे। 1996 से 2007 तक वे विधायक रहे। बाद में भाजपा के अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष भी रहे। 2017 में जब उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की पूरी संभावना थी, तभी वे चुनाव हार गए और सीएम बनने से चूक गए। इसके बाद भी वो संगठन में लगातार सक्रिय रहे। बीजेपी ने साल 2019 में लोकसभा का टिकट दिया और वे दिग्गज नेता हरीश रावत को रिकॉर्ड 339096 मतों से पराजित कर सांसद बने। 7 जुलाई 2021 को उन्हें पर्यटन और रक्षा राज्य मंत्री का दायित्व दिया गया। क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने और दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण करवाने के लिए ही बीजेपी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। अपने गहन अध्ययन और शालीन व्यवहार के चलते वे दो बार सर्वश्रेष्ठ सांसद भी घोषित किए गए।