उत्तराखंड: इस बार एनकोर के जरिए ऑनलाइन नामांकन कर सकेंगे प्रत्याशी, मिलेंगी ये सुविधाएं

निर्वाचन आयोग टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा में प्रत्याशियों को ऑनलाइन नामांकन की सुविधा देने जा रहा है। जानिए क्या है एनकोर?
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
Encore software: Online nomination will be done through encore software in lok sabha election
Image: Online nomination will be done through encore software in lok sabha election

देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग लगातार ऑनलाइन मोड की ओर बढ़ रहा है। चुनाव को पेपरलेस बनाने की कवायद जारी है।

Encore Online Enrollment Software

इसी कड़ी में उत्तराखंड में इस बार के चुनाव में इनेबलिंग कम्युनिकेशंस ऑन रियल-टाइम एनवायरनमेंट (एनकोर) के जरिए प्रदेश में कई चुनावी प्रक्रियाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें सबसे बड़ी सुविधा प्रत्याशियों के नामांकन की है। इनकोर के जरिए प्रत्याशी ऑनलाइन चुनावी नामांकन भर सकेंगे। जो प्रत्याशी बगैर शक्ति प्रदर्शन के नामांकन दाखिल करना चाहेंगे वो एनकोर का प्रयोग कर सकेंगे। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में हुए प्रयोग के बाद अब उत्तराखंड में भी निर्वाचन आयोग टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार लोकसभा में प्रत्याशियों को ऑनलाइन नामांकन की सुविधा देने जा रहा है। इसके लिए आयोग एनकोर साफ्टवेयर लेकर आया है।, हालांकि उम्मीदवार पुरानी व्यवस्था से भी पेपर पर अपना नामांकन पहले की तरह कर सकेंगे।

रैलियों व अन्य कार्यक्रमों के लिए एनकोर बड़ा मददगार साबित होगा। किसी भी आयोजन की अनुमति लेने के लिए प्रत्याशियों के एजेंटों को भटकना नहीं होगा। अग्निशमन, शिक्षा, पुलिस, पर्यावरण, सीपीडब्ल्यूडी समेत सभी विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र एक साथ एनकोर पर मिल सकेगा। एनकोर के जरिए चुनाव में मतदान प्रतिशत पर नजर रखने के साथ ही नामांकन की ऑनलाइन जांच समेत कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी सोनिका ने बताया कि एनकोर को सभी उम्मीदवारों की सुविधा और चुनाव प्रबंधन के लिए डिजाइन किया गया है। एनकोर का पूरा नाम इनेबलिंग कम्युनिकेशंस ऑन रियल-टाइम एनवायरनमेंट है। इसके जरिये प्रत्याशी नामांकन कर सकेंगे। वहीं निर्वाचन अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच, शपथ पत्र, मतदाता संख्या, मतगणना, चुनाव परिणाम और डेटा प्रबंधन प्रक्रिया को पूरा कर पाएंगे। उम्मीदवारों द्वारा ऑनलाइन दाखिल किए गए नामांकन की जांच भी इससे की जा सकेगी।