Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
रुद्रप्रयाग: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। बीते दिन कांग्रेस छोड़ने वाले मनीष खंडूड़ी ने बीजेपी ज्वाइन कर ली।
अब कांग्रेस की प्रदेश महासचिव व रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने भी कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। लक्ष्मी राणा पार्टी से बेहद नाराज दिखीं। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच की कार्रवाई में कांग्रेस ने उनका साथ नहीं दिया। लक्ष्मी पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की करीबी मानी जाती हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्र में लक्ष्मी ने कहा कि वह 27 साल से ज्यादा समय से पार्टी से जुड़ी रही हैं। 1998 में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रहीं।
1997 से 2001 तक कांग्रेस पार्टी से ब्लॉक प्रमुख जखोली रहीं। 2002 से 2007 तक उपभोक्ता फोरम की सदस्य राज्यमंत्री के तौर पर सेवाएं दीं। 2014 से 2019 तक कांग्रेस पार्टी से जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग रहीं। 2017 में रुद्रप्रयाग विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रहीं और साल 2018 से लगातार प्रदेश महामंत्री पद पर सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राजनीतिक द्वेष के चलते ईडी कार्रवाई हुई थी। मेरे खिलाफ हुई इस कार्रवाई में पार्टी की तरफ से न तो कोई प्रतिक्रिया आई और न ही किसी ने मुझे इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। जिस कांग्रेस पार्टी के लिए मैंने अपना जीवन खपाया, उसमें रहने का अब कोई औचित्य नहीं है, इसलिए दुखी मन से सदस्यता से त्यागपत्र दिया है।