बच्चों ने बताया कि उनकी मां उन्हें छोड़कर किसी और के साथ रहने चली गई थी। मां ने पति को छोड़ा तो पिता उन्हें छोड़कर चला गया।
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कोमल नेगी
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Image: parents abandoned children in haridwar
हरिद्वार: हरिद्वार में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसके बारे में सुनकर आपका रिश्तों पर से भरोसा उठ जाएगा। यहां गंगा स्नान के लिए आए दो परिवार अपने बच्चों को छोड़कर चल दिए।
धर्मशाला में रह रहे थे बच्चे
एक परिवार के बच्चे धर्मशाला में रह रहे थे, दो दिन इंतजार करने के बाद भी जब बच्चों को लेने कोई नहीं आया तो धर्मशाला प्रबंधक कमेटी ने बच्चों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। जानकारी के मुताबिक बुलंदशहर निवासी एक युवक अपने तीन बच्चों के साथ हरिद्वार आया था। इनमें एक बेटी दस साल, बेटा 9 साल और दूसरी बेटी 8 साल की थी। युवक ने लखनऊ धर्मशाला में कमरा लिया और महाशिवरात्रि के दिन बच्चों को धर्मशाला के बाहर छोड़कर फरार हो गया। तीनों बच्चे रो-रोकर पिता के आने की बाट जोहते रहे, जब पिता नहीं लौटे तो फिर से धर्मशाला पहुंचे। पूछताछ में बड़ी बेटी ने बताया कि उसकी मां उन्हें छोड़कर किसी और के साथ रहने चली गई थी। आगे पढ़िए..
बड़ी बेटी ने बताया कि उसकी मां उन्हें छोड़कर किसी और के साथ रहने चली गई थी। मां ने पति को छोड़ा तो पिता उन्हें छोड़कर चला गया। बड़ी बेटी का कहना है कि उसकी मां गंगा घाट पर दिखी थी, लेकिन पिता से नहीं मिली। बच्चों ने भी उससे मनुहार की, लेकिन वह नहीं मानी। इस पर उसके पिता ने उन्हें लावारिस हाल में छोड़ दिया। ऐसी ही एक और घटना हरकी पैड़ी घाट पर देखने को मिली। यहां श्रमिक परिवार दो साल के बच्चे का मुंडन कराने आया था। तभी बच्चा गुम हो गया। बच्चे के लापता होने के बाद परिवार चुपचाप रेलवे स्टेशन चला गया, लेकिन फिर से तलाश किया तो हरकी पैड़ी निवासी कालू वर्मा ने बच्चे को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया था। यहां से दंपती बच्चे को अपने साथ ले गए।