उत्तराखंड: आवारा कुत्तों का आतंक! गर्भवती नीलगाय पर किया हमला, तड़प-तड़पकर हुई मौत

हरिद्वार में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक नीलगाय को घेरकर बुरी तरह घायल कर दिया। जान बचाकर गांव की ओर भागी नीलगाय ने श्रीकृष्ण मंदिर तिराहे के पास दम तोड़ दिया।
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Uttarakhand Nilgai Death: Stray dogs mauled a nilgai to death
Image: Stray dogs mauled a nilgai to death

हरिद्वार: उत्तराखंड के बेहडेकी सैदाबाद गांव से वन्यजीवों से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है। सोमवार दोपहर जंगल में आवारा कुत्तों के झुंड ने एक नीलगाय को घेरकर हमला कर दिया। कुत्तों ने नीलगाय को बुरी तरह घायल कर दिया। जान बचाने के लिए नीलगाय जंगल से गांव की ओर भागी, लेकिन कुत्तों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। गंभीर रूप से घायल नीलगाय श्रीकृष्ण मंदिर तिराहे के पास चकरोड पर गिर गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

Stray dogs mauled a nilgai to death

जानकारी के अनुसार, बेहडेकी सैदाबाद गांव के जंगल में नीलगाय पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला किया था। कुत्तों से बचने के लिए नीलगाय गांव की ओर दौड़ी। लेकिन कुत्तों ने उसका पीछा करना जारी रखा और रास्ते में भी उस पर हमला करते रहे। जब तक आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, नीलगाय गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर कुत्तों को वहां से भगाया, लेकिन नीलगाय ने कुछ ही देर बाद दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों के अनुसार गर्भवती थी नीलगाय

ग्रामीणों के अनुसार, नीलगाय गर्भवती थी। उनका कहना है कि गर्भवती होने के कारण वह तेजी से भाग नहीं सकी और कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की ओर से नहीं की गई है। आगे पढ़िए..

घटना की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही वन कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर मृत नीलगाय को दफना दिया गया।

आवारा कुत्तों के झुंड से ग्रामीण भी परेशान

ग्रामीण संजय, पहल सिंह आदि ने बताया कि जंगल क्षेत्र में आवारा और मांसाहारी कुत्तों के झुंड लगातार घूमते रहते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये कुत्ते न केवल जंगली जानवरों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, गांव के आसपास स्कूली बच्चों का भी नियमित आवागमन रहता है। ऐसे में कुत्तों के झुंड को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

वन विभाग से कार्रवाई की मांग

नीलगाय की मौत के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से आवारा कुत्तों के झुंड पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी जंगली जानवर के साथ-साथ इंसानों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।