भाजपा-कांग्रेस को मिल सकती है कड़ी टक्कर, क्षेत्रीय दलों ने बनाई "उत्तराखंड रीजनल पार्टी"

उत्तराखंड के स्थानीय दलों का बना गठबंधन, राष्ट्रीय दलों की बढ़ेगी चुनौती, क्षेत्रीय दलों ने बनाई उत्तराखंड रीजनल पार्टी, दे सकती है कड़ी टक्कर।
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Lok sabha elections 2024: Uttarakhand Regional Party Alliance in lok sabha elections 2024
Image: Uttarakhand Regional Party Alliance in lok sabha elections 2024

देहरादून: क्षेत्रीय पार्टियों ने मिलकर उत्तराखंड रीजनल पार्टी अलायंस (यूआरपीए) खड़ा कर दिया है। जो प्रदेश की पांचों सीटों पर करेगी दावेदारी।

Lok Sabha Elections 2024: Uttarakhand Regional Party Alliance

उत्तराखंड के राजनितिक गलियारों से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है जो राजनीतिक पार्टियों के लिए मुसीबत कड़ी कर देगा। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए क्षेत्रीय पार्टियों ने मिलकर एक नई गठबंधन पार्टी उत्तराखंड रीजनल पार्टी अलायंस (यूआरपीए) तैयार कर दी है। जो राज्य के पांचों सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेगा।
इस गठबंधन में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) को छोड़कर शेष 6 पार्टियां स्थानीय हैं। जिनका मुख्य उद्देश्य स्थानीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए जनता के बीच जागरूकता लाना है।
छह महीने पूर्व उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) से टूटकर बनी राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी यूआरपीए के केंद्र में है। पार्टी की तमाम कोशिशों के बाद ही क्षेत्रीय दल एकजुट हुए हैं। क्षेत्रीय पार्टी के अध्यक्ष, शिव प्रसाद सेमवाल, ने बताया कि उत्तराखंड आंदोलन के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने राज किया। लेकिन, दोनों पार्टियाँ आम जनता की उन समस्याओं को हल नहीं कर पाई हैं, जिनके लिए राज्य की स्थापना हुई थी।

शिव प्रसाद सेमवाल ने बताया कि राज्य के लोगों की समस्याओं को केवल स्थानीय दल ही समझ सकते हैं। इसलिए, रीजनल पार्टी ने कुछ दलों को एक करते हुए उत्तराखंड रीजनल पार्टी अलायंस की स्थापना की है, इसकी विधिवत घोषणा बुधवार को की जाएगी।

यूआरपीए में शामिल पार्टियां:

यूआरपीए निम्न 7 पार्टियों से मिलकर बना है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी, प्रगतिशील पार्टी, हिमालयन क्रांति दल, उत्तराखंड विकास पार्टी, उत्तराखंड जन समर्थन पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल।

यूआरपीए इन मुद्दों पर लड़ेगी चुनाव

यूआरपीए ने कर कि दिल्ली की पार्टियां प्रदेश की समस्याओं को नहीं सुलझा सकती हैं, इसके लिए क्षेत्रीय दलों को सत्ता में आना होगा और हम मूल निवास और भू-कानून समेत कई मुद्दों को लेकर जनता के तक पहुंचेंगे। यूआरपीए भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से भी सत्ता में रहीं पार्टियों को घेरने की तैयारी में है।

आज तय होंगे यूआरपीए उम्मीदवार

क्षेत्रीय पार्टी के अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने बताया कि यूआरपीए की बुधवार को देहरादून में एक बैठक होनी है जिसमें लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। साथ ही जीत के लक्ष्य से चुनावी रणनीति पर भी मंथन किया जाएगा।

कुछ लोकसभा सीटों पर यूकेडी को समर्थन संभव

यूआरपीए में शामिल राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी और उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी दोनों उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) से ही निकली हैं। हालांकि, उक्रांद गठबंधन में शामिल नहीं है। फिर भी शिव प्रसाद सेमवाल ने दावा किया है कि यह गठबंधन संभवत दो सीटों पर उक्रांद को समर्थन देगा।