HNB Garhwal University ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में पीएचडी ये दो प्रोग्राम हटा दिए, 31 मार्च होनी है प्रवेश परीक्षा..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: HNB Garhwal University Removes PhD Programs In History And Botany
श्रीनगर गढ़वाल: यदि आप हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध अशासकीय कॉलेज से पीएचडी करने का सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
HNB Garhwal University Removes PhD Programs In Two Subjects
गढ़वाल विश्वविद्यालय ने इतिहास और बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) विषयों के पीएचडी प्रोग्राम को हटा दिया है। इसके साथ ही अन्य विषयों की सीटों को भी कम कर दिया गया है। हेमवती नन्दन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय ने इतिहास और बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) विषय के पीएचडी प्रोग्राम को हटा दिए हैं। गत वर्ष 16 विषयों के लिए कॉलेज में कुल 68 सीटें थीं, जो अब दो विषय हटाने के बाद 62 ही रह गई।
वर्ष 2019 के आंकड़ों से शुरू करें, तो विवि ने अशासकीय कॉलेजों से लगातार पीएचडी प्रोग्राम की सीटों को कम किया है। लेकिन 2023-24 के शैक्षणिक सत्र में विश्वविद्यालय ने अशासकीय कॉलेजों से इतिहास और बॉटनी विषयों के पीएचडी प्रोग्राम हटा दिए हैं। इस परिस्थिति में इन कॉलेजों से पीएचडी प्रोग्राम करने वाले छात्रों को श्रीनगर या निजी विश्वविद्यालय के चक्कर काटने होंगे। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में इन कॉलेजों में कुल 68 सीटें 16 विषयों के लिए उपलब्ध थीं, लेकिन इस साल दो विषयों को हटाने के बाद सीटों की संख्या 62 हो गई है।
डॉ. धीरज शर्मा जो कि रजिस्ट्रार हैं, ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा किसी भी विषय को हटाने या सीटों को कम करने की कोई प्रक्रिया नहीं है। सीटों और प्रोफेसरों की उपलब्धता की जानकारी के बाद, कॉलेज को सीटें उपलब्ध कराई जाती है। आगे पढ़िए...
अनुरोध के बाद डीएवी पीजी कॉलेज को मिली वाणिज्य की पांच सीटें
इस वर्ष विश्वविद्यालय ने डीएवी पीजी कॉलेज में वाणिज्य विषय के पीएचडी प्रोग्राम को भी हटा दिया था। जिसके बाद विभागाध्यक्ष ने एक मार्च को कुलपति को पत्र लिखकर बताया कि कॉलेज में वाणिज्य विषय में पीएचडी के लिए 15 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि पिछले दो शैक्षणिक सत्रों में विवि द्वारा पांच-पांच सीटें दी गई थीं। इस पत्र के जवाब में, 18 मार्च को विवि के प्रवेश परीक्षा समन्वयक द्वारा जारी पत्र में कॉलेज को इस सत्र में भी पांच सीटें उपलब्ध करा दी गई हैं।
31 मार्च 2024 को होनी है पीएचडी की प्रवेश परीक्षा
इस साल के पीएचडी प्रोग्राम के लिए विवि ने सूचना विवरणिका के अनुसार 31 मार्च को प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाना है। इसके लिए विवि ने श्रीनगर, बादशाहीथौल टिहरी, देहरादून, और नई टिहरी में परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं।
पीएचडी अभ्यर्थी करते हैं कॉलेज के काम में सहयोग
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की गाइडलाइन के तहत पीएचडी करने वाले अभ्यर्थी अपने संबंधित कॉलेज में परीक्षाएं कराने के साथ उत्तर पुस्तिका जांचने तक में सहयोग करते हैं। इसका सीधा फायदा कॉलेज को नैक ग्रेडिंग पर मिलता है। इतना ही नहीं यह अभ्यर्थी परीक्षा के नंबर भी वेबसाइट पर अपलोड करते हैं।