इस बार के लोकसभा चुनाव में प्रदेश के 18 से लेकर 39 साल तक की उम्र के 40,33,278 युवा अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। वहीं राज्य में बेरोजगारी के नजरिए से देखा जाय तो सेवायोजन कार्यालयों में 8,83,346 बेरोजगार पंजीकृत हैं।
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Every Fifth Young Voter is Unemployed in Uttarakhand
देहरादून: सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर पांचवां युवा मतदाता फिलहाल बेरोजगार है। इस स्थिति में सियासी दल और प्रत्याशी अपनी प्राथमिकताओं में रोजगार को शीर्ष मुद्दों में रख रहे हैं। युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन वास्तविकता में ऐसा कुछ भी नहीं होता है।
Every Fifth Young Voter is Unemployed in Uttarakhand
उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीखें नजदीक हैं। सभी मुख्य राजनीतिक दल और प्रत्याशी वर्तमान में प्रचार में व्यस्त हैं, इस बार उत्तराखंड में रोजगार का मुद्दा अहम है। उत्तराखंड के सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर पांचवां युवा मतदाता फिलहाल बेरोजगार है। जिससे पता चलता है कि राज्य में रोजगार की अभावी स्थिति ने युवाओं को अपनी आवाज उठाने के लिए मजबूर किया है। यह समस्या न केवल रोजगार की अभावी स्थिति को दर्शाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि राजनीतिक दलों के लिए युवा वोटर्स की प्राथमिकताएं कितनी महत्वपूर्ण हो गई हैं। इससे साफ है कि युवाओं के बेरोजगारी की समस्या चुनावी अभियान के दौरान मुख्य मुद्दों में से एक बन चुकी है।
हर पांच में से एक युवा मतदाता बेरोजगार
इस बार उत्तराखंड में 18 से 39 साल की उम्र के 40,33,278 युवा मतदाता अपने वोट का उपयोग करेंगे। जब बेरोजगारी की बात की जाती है, तो प्रदेश के सेवायोजन कार्यालयों में 8,83,346 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसमें 5,40,683 पुरुष और 3,42,663 महिलाएं शामिल हैं। इस प्रकार, उत्तराखंड में 21.90 फीसदी युवा मतदाता बेरोजगार हैं। दूसरे नजरिए से देखें तो हर पांच में से एक युवा मतदाता बेरोजगार है।
बेरोजगारों के आंकड़े में लगातार बढ़ोतरी
उत्तराखंड के सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगारों के आंकड़ों में वृद्धि दर्ज की गई है। 2019 में प्रदेश में 803,887 बेरोजगार पंजीकृत थे। 2020 में इस संख्या में कमी आई और बेरोजगारों की संख्या 778,077 तक पहुंची। हालांकि 2021 में यह संख्या 807,722, 2022 में 879,061, 2023 में 882,508 और 2024 में बेरोजगारों की संख्या 883,346 तक बढ़ गई है।
सबसे ज्यादा बेरोजगार देहरादून और हरिद्वार में
सेवायोजन कार्यालय में दर्ज आंकड़ों के अनुसार देहरादून में 1,21,268 और हरिद्वार में 1,13,110 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा में 72,053, पिथौरागढ़ में 56,596, बागेश्वर में 33,104, ऊधमसिंहनगर में 92,396, नैनीताल में 75,946, चम्पावत में 17,838, टिहरी में 81,730, उत्तरकाशी में 51,783, पौड़ी में 70,826, चमोली में 62,980 और रुद्रप्रयाग में 33,716 बेरोजगार पंजीकृत हैं।
-
आयु वर्ग के अनुसार बेरोजगारी
Image: Unemployment by age group
उत्तराखंड में आयु वर्ग के अनुसार बेरोजगारी.