मुंबई: अवार्ड लेते समय छलक उठा पहाड़ के एक्टर अभिलाष का दर्द, जंगलों की आग को लेकर कही बड़ी बात

पहाड़ी युवाओं की चमक बॉलीवुड तक पहुंच गई है जिनमें से कुछ पहाड़ी अभिनेता अक्सर प्रदेश में घट रही घटनाओं पर अपनी बात रखते हुए नज़र आते हैं। जब भी पहाड़ मुसीबत में होता है तो दर्द उनकी जुबां पर आ ही जाता है।
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Actor Abhilash Thapliyal: Aspirants Fame Abhilash Concern Expressed Over Uttarakhand Forest Fire
Image: Aspirants Fame Abhilash Concern Expressed Over Uttarakhand Forest Fire

पौड़ी गढ़वाल: पौड़ी के युवा अभिनेता अभिलाष थपलियाल एक बार फिर सुर्खियों में है, एस्पिरेंट्स सीजन 2 के लिए पुरस्कार प्राप्त करते समय उनका दर्द उत्तराखंड के लिए छलक पड़ा, उन्होंने मंच से जंगलों की लगी भीषण आग का जिक्र करते हुए सबक एकजुट होकर समर्थन करने के लिए कहा।

Aspirants Fame Abhilash Concern Expressed Over Uttarakhand Forest Fire

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग की आहट मुंबई तक पहुँच गई है, प्रदेश में जल रहे जंगल के दर्द को पहाड़ी अभिनेता बयां कर रहे हैं। जब कोई उत्तराखंड के मनमोहक पहाड़ों, हरे-भरे जंगलों और शांत माहौल की तारीफ करता है, तो हर किसी का सीना गर्व से छोड़ा हो जाता है। लेकिन जब ये पहाड़ और जंगल आग की चपेट में आते हैं, तो चिंता होना लाजमी है। चाहे पहाड़ी लोग कहीं भी हो, जब पहाड़ संकट में होते हैं, तो उनके दिल की पीड़ा शब्दों में बयां हो ही जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ है मुंबई में एक अवार्ड शो में जहाँ पर एस्पिरेंट्स के एस.के सर यानी अभिलाष थपलियाल ने उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग को लेकर चिंता जताई और अपने-अपने स्तर से सहयोग देने की अपील की।

विपदा आने पर छलक जाता है दर्द

अभिनेता अभिलाष थपलियाल लम्बे समय से मुंबई में ही रह रहे हैं लेकिन जब भी पहाड़ पर कोई मुसीबत आती है तो उनका दर्द हमेशा शलक छलक जाता है। इस से पहले जोशीमठ आपदा पर भी वो आगे आए थे और अब जंगलों की आग पर उन्होंने दर्द बयां किया है। अभिलाष पौड़ी जिले के युवा अभिनेता हैं जिन्होंने बॉलीवुड में भी काफी पहचान बना ली है एस्पिरेंट्स सीजन 2 के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें अवार्ड दिया गया जहाँ पर अवार्ड लेते समय उनका दर्द अपने राज्य के छलक पड़ा। उन्होंने मंच से उत्तराखंड के जंगलों की लगी भीषण आग का जिक्र करते हुए सभी को एकजुट होकर मदद करने के लिए कहा। अभिलाष अलग-अलग मंचों पर पहाड़ी बोली या पहाड़ से जुड़ी कई बातें साझा करते रहते हैं।