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देहरादून: निजी अस्पताल में जन्में बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन अब अस्पताल को ही करना होगा, जिसके बाद अभिभावन अपने डॉक्यूमेंट के साथ अस्पताल से जारी आवेदन पत्र को लेकर निगम के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जाकर जन्मप्रमाण प्राप्त कर सकता है।
नवजात के जन्म प्रमाण पत्रों के नियम में बदलाव हुआ है केंद्र सरकार द्वारा पोर्टल पर नए नियम को लागू कर दिया गया है। जिसके अंतर्गत यदि नगर निगम क्षेत्र के किसी भी निजी अस्पताल में बच्चे का जन्म होता है तो उसके जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन उसी हॉस्पिटल के द्वारा किया जाएगा। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कांडपाल ने बताया कि अभिभावकों को हॉस्पिटल द्वारा आवेदन पत्र की ऑरिजनल कॉपी और आधार कार्ड लेकर नगर निगम आना होगा और फिर नगर निगम जन्म प्रमाण पत्र जारी करेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेज दिया गया है और अब सीएमओ सभी अस्पतालों को पत्र भेजेंगी।
जन्म प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदनकर्ता का मोबाइल नंबर और आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। अभी तक आधार कार्ड के अलावा अन्य डॉक्यूमेंट चल जाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। साथ ही यदि कोई एनआरआई का बच्चा यदि विदेश में पैदा होता है तो उसका भी जन्म प्रमाण पत्र भारत में ही बनेगा, शर्त ये रहेगी की उसका माँ या पिता में से कोई एक भारतीय होना चाहिए तथा उन्हें 60 दिनों के अंदर आवदेन करना होगा। यह व्यवस्था अभी तक नहीं थी लेकिन अब इसे लागू कर दिया गया है।