प्रदेश में अगले माह दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, कांग्रेस और बीजेपी ने इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली है और या उपचुनाव भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Manglaur By Election BJP Has Not Won This Seat Till Date
हरिद्वार: प्रदेश की 70 विधानसभाओं में से एक ऐसी विधानसभा है जहाँ भाजपा अभी तक एक बार भी नहीं जीत पाई साथ ही बीजेपी यहाँ से हमेशा ही तीसरे नंबर पर रहती है। हम बात कर रहे हैं मंगलौर विधानसभा सीट की, मोदी मैजिक भी इस सीट पर असफल रहा है, बीजेपी इस सीट पर जीत से कोसों दूर रही है यहाँ पर सिर्फ कांग्रेस और बसपा का जादू चलता है। इस बार बताया जा रहा है कि यहाँ त्रिकोणीय मुकाबला होगा अब देखना होगा क्या अबकी बार इस सीट पर बीजेपी की नैय्या पार होती है या नहीं ?
Manglaur By Election: BJP Has Not Won This Seat Till Date
जनपद हरिद्वार के अंतर्गत आने वाली मंगलौर विधानसभा सीट वर्ष 2002 के बाद अस्तित्व में आई, इससे पहले यह लक्सर विधानसभा सीट का हिस्सा थी। यह सीट उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के नारसन बॉर्डर के अंतर्गत आता है, यूपी से सटे होने के बावजूद भाजपा ने इस बार यहाँ से यूपी से तीन बार के विधायक रहे करतार सिंह भड़ाना को मैदान में उतारा है, इन्होने एक साल पहले ही भाजपा का दामन थामा है। अब यहाँ पर नवनिर्वाचित सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए चुनौती रहेगी बीजेपी ने उन्हें इसकी जिम्मेदारी दी है और वे धरातल पर उतारकर उपचुनाव के लिए जोरों से प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
तीसरे और चौथे नंबर की पार्टी है भाजपा यहाँ
पूरे उत्तराखंड में शायद ही कोई ऐसी विधानसभा होगी जहाँ भाजपा तीसरे नंबर पर रहती हो, लेकिन मंगलौर एकमात्र ऐसी सीट है जहाँ भाजपा का जलवा अभी तक नहीं चल पाया है। इस सीट पर कांग्रेस और बसपा का जलवा है। कुछ समय तो ऐसा बीता जब बीजेपी यहाँ से चौथे नंबर पर भी रही। मंगलौर विधानसभा में लगभग एक लाख 19 हजार वोटर हैं जिसमें करीब 65 हजार मुस्लिम, 10 हजार जाट, करीब 7 हजार गुर्जर और लगभग 20 हजार एससी वोटर हैं। यहाँ पर मुस्लिम वोटरों का दबदबा ज्यादा है, अभी तक यहाँ से कोई गैर मुस्लिम या बीजेपी का उम्मीदवार नहीं जीता है। अगर इस बार बीजेपी यहाँ से जीत साबित करती है तो यह सीएम पुष्कर सिंह धामी और सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के लिए बड़ी अचीवमेंट होगी।
प्रदेश में हुए 15 उपचुनाव के नतीजे
उत्तराखंड में अब तक हुए उपचुनावों में सत्ता में रही पार्टी ही विजयी होती आई है। इस बार यह मिथक तभी टूटेगा जब भाजपा इस सीट पर जीत हासिल करेगी। उत्तराखंड में अब तक 15 उपचुनाव हुए हैं, जिनमें 14 बार वही पार्टी जीती है जिसकी राज्य में सरकार थी। राज्य गठन के बाद सिर्फ एक उपचुनाव में यूकेडी के दिवंगत विधायक विपिन त्रिपाठी के पुत्र पुष्पेश त्रिपाठी ने जीत दर्ज की है। इस बार भाजपा ने बदरीनाथ विधानसभा उपचुनाव की तुलना में मंगलौर उपचुनाव पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया है। कांग्रेस और अन्य दल भी इस सीट पर सक्रिय हैं। अब देखना होगा इस सीट पर जिसका जादू चलता है।