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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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रुद्रपुर: भगवानपुर में एनएस-74 पर 70 वर्षों से रह रहे लोगों को वहां से हटाने का प्रयास किया गया, प्रशासन की इस कार्रवाई से 200-250 परिवार बेघर हो गए। राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच से 28 से 42 मीटर तक नाप लेने के बाद अंदर आ रहे निर्माण को तोड़ा गया।
उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन की उपस्थिति में पीडब्ल्यूडी और एनएच की जमीन पर बने 46 घरों पर यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन की टीम एक दर्जन जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के साथ पहुंची थी। इसके बाद 40 घरों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया बकि चार से छह घरों का कुछ हिस्सा अभी भी शेष बचा हुआ है। इनमें से अधिकांश लोग पशुपालन और मजदूरी पर निर्भर थे। हाईकोर्ट के आदेश पर हुई इस कार्रवाई से लोगों में काफी नाराजगी देखी गई। अपनी आंखों के सामने घरों को गिरते देख परिवार बिलखते रहे और घरों से सामान निकालने में जुटे रहे। कई महिलाएं घरों को टूटते देख रो रही थीं। उनका कहना था कि उनके परिवार सालों से इस भूमि पर रह रहे हैं। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके बने-बनाए आशियाने एक पल में बर्बाद हो जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार दानपुर गांव के 46 परिवार विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बसे थे। नवंबर-दिसंबर 2023 में हाईकोर्ट ने जमीन खाली कराने के आदेश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी। सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट ने मई में अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए। 15 दिनों तक मुनादी और कई नोटिस देने के बाद अतिक्रमण हटाया गया। 39 परिवारों के कच्चे-पक्के घर आंशिक रूप से तोड़े गए हैं। जल्द ही अतिक्रमण हटाओ अभियान की नई तारीख तय की जाएगी और इस जमीन खाली कराया जाएगा।