अंधविश्वास पर आधारित गढ़वाली फिल्म "रिखुली".. अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के लिए नॉमिनेट

उत्तराखंड की कई फिल्में विश्वपटल पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। इन फिल्मों ने न केवल स्थानीय संस्कृति को उजागर किया है, बल्कि वैश्विक दर्शकों को भी आकर्षित किया है।
Advertisement भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
International Film Festival: Garhwali Film Rikhuli Nominated For International Film Festival
Image: Garhwali Film Rikhuli Nominated For International Film Festival

देहरादून: जनपद चमोली के दूरदराज ग्रामीण इलाकों में पिछले साल बनी गढ़वाली फीचर फिल्म ‘रिखुली’ को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में नामित किया गया है। इसके अलावा 'रिखुली' को स्वीडन में मई माह की सर्वश्रेष्ठ फिल्म और फ्रांस में जुलाई माह की सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म के रूप में सम्मानित किया गया।

Garhwali Film 'Rikhuli' Nominated For International Film Festival

चमोली की अक्षत नाट्य संस्था ने 90 के दशक की गढ़वाल क्षेत्र की पुरानी परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित गढ़वाली फिल्म ‘रिखुली’ का फिल्मांकन चमोली जिले के स्यूण बेमरु, गैर टंगसा, चोपता, घिंघराण और मंडल घाटी जैसे रमणीय स्थलों पर किया। इस फिल्म में दिखाया गया है कि अंधविश्वास पर विश्वास नहीं करना चाहिए। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और कई अन्य कलाकारों ने फिल्म ‘रिखुली’ को देखा और उसकी सराहना की।

‘रिखुली’ जल्द ही दक्षिण कोरिया में दिखाई जाएगी

इस फिल्म का निर्देशन और लेखन अक्षत नाट्य संस्था के अभिनेता जगत किशोर गैरोला द्वारा किया गया है। इस 90 मिनट की फिल्म में समाज की विविधताओं को पर्दे पर दर्शाने की कोशिश की गई है। अक्षत नाट्य संस्था के संस्थापक विजय वशिष्ठ, अध्यक्ष केके डिमरी और ओपी पुरोहित ने सूचित किया कि फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल के लिए नामित किया गया है। अब इस फिल्म को जल्द ही दक्षिण कोरिया में भी प्रदर्शित किया जाएगा।

  • Youtube सब्सक्राइब करें: