देहरादून की सड़कों में शराब पीकर गाड़ी चलाई, तो हो जाएगी 6 महीने की जेल.. जानिये RTO के नए नियम

उत्त्ताराखंड की राजधानी देहरादून में पर्यटन स्थलों पर शराब पीकर गाड़ी चलाना अब आम हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए देहरादून आरटीओ विभाग ने नियमों को सख्ती से लागू करने की पहल शुरू कर दी है।
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Drunk and Driving in Dehradun: Six Months Jail For Drunk and Driving in Dehradun
Image: Six Months Jail For Drunk and Driving in Dehradun

देहरादून: अब शराब के नशे में पाए जाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। ड्रिंक एंड ड्राइव करने पर अब 6 महीने की सजा और 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगेगा।

Six Months Jail For Drunk and Driving in Dehradun

कई बार लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हैं, जिससे न केवल उनकी खुद की जान खतरे में होती है, बल्कि दूसरों की सुरक्षा भी दांव पर लगती है। राजधानी देहरादून के पर्यटन स्थलों पर जहां लोग पार्टी और एंजॉयमेंट का आनंद शराब के बिना नहीं लेते अक्सर बाहरी और स्थानीय लोग शराब पीकर वाहन चलाते हैं। देहरादून आरटीओ विभाग ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई कर रहा है। देहरादून के संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने बताया कि आरटीओ की टीमें शहर में यातायात नियमों को सख्ती से लागू करती हैं, जिसमें हेलमेट न पहनने और रेड लाइट जंप करने जैसी हर उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है। चेकिंग के लिए हमारे पास एल्कोमीटर है, जिसमें व्यक्ति को फूककर परीक्षण करना होता है।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पे होगी 6 महीने की सजा

एल्कोमीटर से शराब पीने की मात्रा और खून में अल्कोहल की मात्रा का पता चलता है। मानक के अनुसार प्रति 100 मिलीग्राम खून में 30 एमजी से अधिक अल्कोहल नहीं होना चाहिए, इससे अधिक होने पर सख्त कार्रवाई की जाती है और व्यक्ति को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाता है। शैलेश तिवारी ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम की धारा-185 के तहत अपराध माना जाता है। पहले अपराध पर 6 महीने तक की सजा और 10 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है या दोनों दंड मिल सकते हैं। जुर्माना भरने से मामला खत्म नहीं होता ऐसे मामले कोर्ट में जाते हैं। इसलिए आपको ध्यान देना होगा और शराब पीकर वाहन चलाने से बचना होगा।