Uttarakhand: हड़ताल-आंदोलन में दंगा करना अब नहीं होगा आसान, संपत्ति क्षति वसूली कानून को मिली मंजूरी

उत्तराखंड में अब हड़ताल, विरोध प्रदर्शन में दंगा करना भारी पड़ सकता है। क्योंकि कैबनेट में संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है और जल्द ही यह कानून बनने जा रहा है।
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Private Property Damage Recovery Ordinance: Cabinet Approves Private Property Damage Recovery Ordinance
Image: Cabinet Approves Private Property Damage Recovery Ordinance

देहरादून: कैबिनेट ने हड़ताल, विरोध और प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए तैयार किए गए उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश-2024 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दे दी है।

Cabinet Approves Private Property Damage Recovery Ordinance

प्रदेश सरकार ने लोकसभा चुनावों से पहले विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर नियंत्रण के लिए उत्तराखंड लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली अध्यादेश पहले ही लागू किया था। यह अध्यादेश 16 मार्च को राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रभावी हुआ था। इसकी छह महीने की अवधि समाप्त हो रही थी, इसलिए कैबिनेट ने इसे स्थायी कानून बनाने के लिए विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी है। कानून के तहत उपद्रवियों को तय समय में शत प्रतिशत भरपाई देना होगा। दंगाइयों से नुकसान की वसूली बाजार दर पर की जाएगी और कुछ मामलों में ट्रिब्यूनल की अनुमति से हर्जाना दोगुना भी हो सकता है।

कानूनी करवाई के लिए स्वतंत्र ट्रिब्यूनल का होगा गठन

इसके लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र ट्रिब्यूनल का गठन होगा जिसे सिविल कोर्ट की शक्तियां दी गई हैं। सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष तीन महीने के भीतर ट्रिब्यूनल में अपील करेंगे। प्रस्तावित कानून के तहत लोग निजी संपत्ति के नुकसान के लिए मुआवजे का दावा कर सकते हैं। मुआवजा स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता की रिपोर्ट पर निर्भर होगा जिसे सरकार के पैनल से चुना जाएगा। ट्रिब्यूनल के निर्णय के बाद आरोपित को एक महीने में राशि जमा करनी होगी। ऐसा न करने पर राजस्व वसूली की तर्ज पर वसूली की जाएगी और जेल की सजा का भी प्रावधान है।