राज्य सरकार ने अब उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को हाउस ऑफ हिमालयाज के अंब्रेला ब्रांड में शामिल किया है। इस कदम से उत्तराखंड का टिमरू परफ्यूम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सक्षम होगा।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Uttarakhand Timru Perfume Now in Global Market
देहरादून: राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली झाड़ीनुमा कांटेदार वनस्पति टिमरू का धार्मिक और औषधीय महत्व है। सगंध पौधा केंद्र ने इस पौधे के बीज का उपयोग करके इत्र और परफ्यूम तैयार किया है।
Uttarakhand Timru Perfume Now in Global Market
पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली कांटेदार वनस्पति टिमरू के "टिमरू परफ्यूम" वैश्विक लांचिंग पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश करने के लिए कदम उठाने की बात कही थी। इस संदर्भ में फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया और अब सरकार ने इसे हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पादों की सूची में शामिल कर दिया है, जिससे टिमरू परफ्यूम को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है।
टिमरू परफ्यूम और अन्य स्थानीय उत्पाद ग्लोबल मार्केट में होंगे उपलब्ध
सगंध पौधा केंद्र के निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान ने जानकारी दी कि हाउस ऑफ हिमालयाज कंपनी ने टिमरू परफ्यूम के साथ-साथ अन्य सगंध तेलों को भी अपनी उत्पाद सूची में शामिल कर लिया है। इसके चलते अब हाउस ऑफ हिमालयाज के जरिए टिमरू परफ्यूम और अन्य उत्पाद देश-विदेश में आसानी से उपलब्ध होंगे। इन उत्पादों को दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्थित हाउस ऑफ हिमालयाज आउटलेट्स में बिक्री के लिए पेश किया जाएगा।
प्रमुख परफ्यूम निर्माता कंपनियों संग लांच करने की तैयारी
इस समय पैकेजिंग पर काम चल रहा है, जिससे जल्द ही इन उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सगंध पौधा केंद्र ने टिमरू इत्र और परफ्यूम को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए देश की तीन प्रमुख परफ्यूम निर्माता कंपनियों से वार्ता शुरू की है। यदि यह बातचीत सफल रहती है, तो सगंध पौधा केंद्र जल्द ही एक कंपनी का चयन करेगा और उसे इत्र और परफ्यूम निर्माण की तकनीकी हस्तांतरित करेगा।