Uttarakhand: इन 7 योगों के साथ 181 साल बाद मनेगा रक्षाबंधन, भद्रा का साया और शुभ मुहूर्त जानें

भाई-बहनों का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन आ रहा है बाजार सजने लगे हैं और लोगों ने इन दिनों खरीदारी करना शुरू भी कर दिया है। तो आइये जानते हैं राखी के लिए शुभ मुहूर्त क्या है।
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Raksha Bandhan 2024: Raksha Bandhan 2024 seven auspicious yogas After 181 years
Image: Raksha Bandhan 2024 seven auspicious yogas After 181 years

देहरादून: इस साल रक्षाबंधन का पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा, जो 181 सालों बाद सात विशेष योगों के साथ आ रहा है।

Raksha Bandhan 2024 seven auspicious yogas After 181 years

आईआईटी रुड़की के श्री सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य पंडित राकेश शुक्ला ने इस बात की पुष्टि की है कि इतने लंबे समय के बाद, इस साल का रक्षाबंधन अपने आप में एक अनोखी विशेषता लेकर आया है। इस रक्षाबंधन पर लक्ष्मी नारायण योग, शुक्र आदित्य योग, बुधादित्य योग, शशनामक राजयोग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग जैसे सात विशेष योग बन रहे हैं। इन योगों के प्रभाव से मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की कृपा के साथ-साथ भगवान शिव का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।

सात योग में किए गए शुभ कार्यों में मिलती है सफलता

इस समय किए गए सभी शुभ कार्यों में सफलता की प्राप्ति होगी। लक्सर के ज्योतिषाचार्य विपिन शर्मा और पंडित संदीप भारद्वाज शास्त्री ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सावन का अंतिम सोमवार भी पड़ रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। हालांकि भद्रा के साये के कारण मुहूर्त को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति है। ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ला के अनुसार पूर्णिमा तिथि के साथ ही भद्रा की शुरुआत हो जाएगी जो दोपहर 1:30 बजे तक रहेगी।

इस साल रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

भद्रा काल से जुड़ी एक कथा के अनुसार शूर्पणखा ने इसी समय अपने भाई रावण को रक्षासूत्र बांधा था, जिसके बाद भगवान श्री राम ने रावण का सर्वनाश किया। इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद ही राखी बांधना शुभ माना जाता है। इस साल 19 अगस्त 2024 को रक्षाबंधन का सबसे उचित समय दोपहर 1:30 बजे से लेकर 4:15 बजे के बीच रहेगा। यदि आवश्यक हो तो भद्रा के पुच्छ काल में सुबह 9:50 से 10:50 के बीच भी राखी बांधी जा सकती है।