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Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
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हल्द्वानी: सर्वे में लगी छह टीमों ने वार्ड 32 में 608 घरों पर लाल निशान लगाकर वहां रहने वाले 970 लोगों की जांच पूरी कर ली है। दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 11 सितंबर को निर्धारित की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनभूलपुरा में अतिक्रमण की जांच के लिए रेलवे और प्रशासन की टीमों का चार दिनों से निरंतर सर्वे चल रहा है। सोमवार को चौथे दिन भी इन टीमों ने बनभूलपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण वाली भूमि पर स्थित घरों और वहां निवास कर रहे लोगों का जायजा लिया। रेलवे और प्रशासन की छह टीमों ने वार्ड 32 में 608 घरों पर लाल निशान लगाए और वहां रह रहे 970 लोगों का सत्यापन किया। 30 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभिक सर्वे की प्रक्रिया जारी है और मंगलवार को भी टीमों ने घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की। इस दौरान अतिक्रमण वाली भूमि में बने घरों, परिवारों, उनके नाम, उम्र, मकान के मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां इकट्ठा की गई।
बनभूलपुरा में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और हाल ही में अदालत ने रेलवे से यह जानकारी मांगी थी कि योजनाओं को लागू करने के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता है। इसके बाद रेलवे ने बनभूलपुरा क्षेत्र का डिजिटल सर्वे कराया और प्रशासन से घरों और निवासियों का सर्वे कराने की मदद मांगी। जिला प्रशासन ने इस काम के लिए छह टीमों को तैनात किया है, जिन्होंने अब तक 608 मकानों पर लाल निशान लगाए हैं। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह के अनुसार हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के विकास के लिए रेलवे को करीब 30 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। मामले की अगली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 11 सितंबर को होगी और सर्वे के परिणामों के आधार पर प्रभावित परिवारों के विस्थापन की योजना बनाई जाएगी।