Uttarakhand: तुंगनाथ से दिल्ली के लिए हरेला मैराथन दौड़, राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की है मांग

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को राष्ट्रीय पर्व का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दौड़ चुके धावकों ने हरेला मैराथन का आयोजन शुरू कर दिया है।
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Harela Marathon Race: Harela Marathon Race From Tungnath To Delhi
Image: Harela Marathon Race From Tungnath To Delhi

रुद्रप्रयाग: आज सुबह तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर से 500 किमी हरेला मैराथन दौड़ नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। इस मैराथन में उत्तराखंड की फ्लाइंग गर्ल भागीरथी बिष्ट, सिरमौरी चीता के नाम से प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय एथलीट सुनील शर्मा और कई अन्य प्रतिभागी शामिल हुए हैं।

Harela Marathon Race From Tungnath To Delhi

गुरुवार सुबह उत्तराखंड के तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर से 500 किमी हरेला मैराथन की शुरुआत हुई। यह दौड़ चोपता, मक्कूमठ होते हुए रुद्रप्रयाग तक पहुंचेगी। समुद्रतल से 12,800 फीट की ऊंचाई पर स्थित तुंगनाथ मंदिर विश्व के सबसे ऊंचे शिवालयों में से एक है। इस पवित्र स्थान से राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के धावकों ने हरेला पर्व को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की मांग के लिए मैराथन शुरू की है जो दिल्ली तक जाएगी।

  • गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी सौंपेंगे प्रधानमंत्री जी को मांगपत्र

    Harela Marathon Race From Tungnath To Delhi
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    Image: Harela Marathon Race From Tungnath To Delhi

    मैराथन का मार्ग 20 सितंबर को रुद्रप्रयाग से देवप्रयाग, 21 सितंबर को देवप्रयाग से ऋषिकेश, 22 सितंबर को ऋषिकेश से रामपुर-तिराहा मुजफ्फरनगर, 23 सितंबर को रामपुर तिराहा से मेरठ और 24 सितंबर को मेरठ से नई दिल्ली गढ़वाल भवन तक होगा। दिल्ली में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मांगपत्र सौंपा जाएगा। इस आयोजन में हिमाचल प्रदेश निवासी अंतरराष्ट्रीय धावक सुनील शर्मा भी शामिल हैं। हरेला पर्व उत्तराखंड में हरियाली के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधा रोपण किया जाता है।