Uttarakhand news: शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव, अस्वस्थ शिक्षकों को दिया जाएगा अनिवार्य रिटायरमेंट

शिक्षा विभाग में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसमें उत्तराखंड में गंभीर शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति (सीआरएस) दी जाएगी।
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Uttarakhand Education Department: Sick Teachers Will Be Given CRS in Uttarakhand
Image: Sick Teachers Will Be Given CRS in Uttarakhand

देहरादून: शिक्षा मंत्री और महानिदेशक की ओर से शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने को लेकर पहले भी समय-समय पर निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। बीमारी के आधार पर तबादले की अर्जी देने वाले शिक्षकों का पूरा विवरण शिक्षा विभाग के पास पहले से मौजूद है।

Sick Teachers Will Be Given CRS in Uttarakhand

महानिदेशक शिक्षा झरना कमठान ने गुरुवार को सभी तीन निदेशकों को आदेश दिया कि वे तीन दिनों के भीतर बीमार शिक्षकों की पहचान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने बताया कि बीमार शिक्षकों की उपस्थिति से उनके तैनाती वाले स्कूलों में शिक्षण गतिविधियाँ बाधित हो रही हैं। इसके साथ ही, इन शिक्षकों की ओर से लगातार तबादले और अटैचमेंट के लिए दबाव डाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, 24 सितंबर को शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में यमुना कॉलोनी में हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, जहाँ शिक्षा मंत्री ने बीमार शिक्षकों को सीआरएस न दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की थी।

शिक्षा निदेशालय में धरना-प्रदर्शन पर लगी रोक

शिक्षा महानिदेशक ने शिक्षा निदेशालय और ननूरखेड़ा स्थित विभाग के चारों मुख्य कार्यालयों में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया है। गुरुवार को जारी आदेश में उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन से विभागीय कार्य बाधित होते हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है। अगर कोई संगठन इस प्रतिबंध का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही महानिदेशक ने तीनों निदेशकों से रिपोर्ट तलब की है और निर्देश दिया है कि यदि किसी जिले में सीआरएस से संबंधित कोई मामला नहीं है, तो इसका प्रमाणपत्र भी दिया जाए।