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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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अल्मोड़ा: यहाँ शिव मंदिर में साधु के वेश में रह रहे एक युवक की असल पहचान उजागर होने पर ग्रामीणों ने उसे भगा दिया। लंबे समय से उस पर संदेह था और जब लोगों ने उसके आधार कार्ड की जांच की तो सच्चाई सामने आई। फिलहाल यह मामला पुलिस तक नहीं पहुंचा है।
मिली जानकारी के अनुसार पेटशाल स्थित शिव मंदिर में बीते 3-4 महीनों से रह रहे एक व्यक्ति पर स्थानीय लोगों को शक था। गांव के प्रधान ने बताया कि लोग उसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। शनिवार को पूछताछ के दौरान वह नाम-पता बताने में हिचकिचाया जिससे संदेह और बढ़ गया। जब लोगों ने उसकी जांच की तो उसके आधार कार्ड में उसे दूसरे समुदाय का पाया गया नाम वकील (42) निवासी आगरा यूपी लिखा था। इसके बाद लोगों ने उसे तुरंत मंदिर खाली करने का कहा और वहां से भगा दिया। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि पुलिस सत्यापन अभियान को और तेज करेगी।
अब कुमाऊं में बाहरी राज्यों से आकर रहने वाले लोग अपनी पहचान नहीं छिपा सकेंगे। पुलिस ने इसके लिए 'पहचान ऐप' शुरू किया है, जिससे अपराधियों पर सख्ती की जाएगी और ईमानदारी से काम करने वालों का सत्यापन भी सरल होगा। ऐप के जरिए हजारों लोगों का सत्यापन और उनका ऑनलाइन रिकॉर्ड आसानी से एकत्रित किया जा सकेगा। पहले चरण में नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों के संवेदनशील इलाकों में 27 हजार लोगों का डाटा अपलोड किया जा चुका है। 30 हजार लोगों का डाटा अपलोड होने पर ऐप को लॉन्च किया जाएगा। सीओ हल्द्वानी नितिन लोहनी ने बताया कि ऐप से बाहरी नागरिकों का उनके गृहनगर की पुलिस द्वारा सत्यापन आसान होगा, जिससे अपराधी यहां छिपकर नहीं रह सकेंगे।