दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर तक जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: Delhi Dehradun Expressway Will Open By December
देहरादून: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वाहनों की संख्या में वृद्धि से वन्यजीवों के आराम में अब कोई बाधा नहीं आएगी। NHAI ने इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी साउंड बैरियर्स स्थापित किए हैं, जो गाड़ियों के शोर को काफी हद तक कम कर देंगे।
Delhi Dehradun Expressway Will Open By December
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य बरसात के समाप्त होने के बाद तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह एक्सप्रेसवे चार खंडों में विभाजित है और लगभग 208 किलोमीटर का क्षेत्र कई वन क्षेत्रों से गुजरता है। गणेशपुर से आशारोड़ी तक 20 किलोमीटर का हिस्सा घने जंगल से भरा हुआ है, जिसमें कुछ भाग राजाजी नेशनल पार्क में भी आता है। गणेशपुर से मोहंड के बीच 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क बनाई जा रही है, जो बरसाती नदी पर स्थित है।
NHAI ने लगाए विशेष साउंड बैरियर्स, वन्यजीवों को मिलेगा सुकून
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस एलिवेटेड सड़क पर विशेष साउंड बैरियर्स स्थापित किए हैं, जो वाहनों के शोर को वन्यजीवों तक नहीं पहुंचने देंगे। इन बैरियर्स की मदद से रात के समय वाहनों की लाइट भी वन्यजीवों की आंखों को परेशान नहीं करेगी। इसके चलते वन्यजीव आराम से एलिवेटेड रोड के आसपास के जंगलों और सड़क के नीचे घूम सकते हैं। एनएचएआई के अधिकारियों ने जानकारी दी कि ऐसा साउंड बैरियर सिस्टम मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर पेंच नेशनल पार्क के क्षेत्र में बनी आठ किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क पर भी लगाया गया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यह प्रणाली लागू होने वाला दूसरा प्रोजेक्ट है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दिसंबर तक होगा पूरा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के दो हिस्सों का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें गणेशपुर से आशारोड़ी तक का खंड भी शामिल है। यहां 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और अब इसे ब्लैकटॉप किया जा रहा है। नवंबर में इस सड़क का रोड सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा जिसके बाद इसे दिसंबर में जनता के लिए खोल दिया जाएगा। अन्य दो हिस्सों का कार्य मई 2025 तक पूरा होने की संभावना है।