पिछले 24 वर्षों में राज्य में प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 24 गुना इजाफा हुआ है। उत्तराखंड की आर्थिकी बढ़ाने में उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों का बढ़ा योगदान रहा है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Per capita income 17 times GSDP increased 24 times
देहरादून: उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का लगातार बढ़ता आकार में बढ़ोतरी हो रही है। जिससे आने वाले समय में राज्य में और अधिक विकास की संभावना है। उत्तराखंड स्थापना के बाद राज्य की आर्थिकी में एक बड़ा बदलाव देखने मिला है, जिसमे राज्य के पर्यटक क्षेत्र का भी बड़ा योगदान रहा।
Per capita income 17 times GSDP increased 24 times
उत्तराखंड राज्य गठन के बाद उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हुई है, और राज्य की जनता के जीवन गुणवत्ता में सुधार हुआ है। पिछले 24 वर्षों में राज्य में प्रति व्यक्ति आय में 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में 24 गुना इजाफा हुआ है। साल 2000 में राज्य की प्रति व्यक्ति आय 15 हजार 285 रुपये थी, जो अब बढ़कर 2.60 लाख रुपये हो गई है। आज से 24 साल पूर्व राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 14 हजार 501 करोड़ रुपये था, जो आज बढ़कर बढ़कर 3 लाख 46 हजार करोड़ रुपये हो गया है।
उत्तराखंड के बजट में इन 24 सालों में 20 गुना बढ़ोतरी हुई है। राज्य स्थापना के समय उत्तराखंड का बजट करीब 4,500 करोड़ रुपये था, लेकिन आज 24 साल बाद इस वर्ष (2024-25) राज्य ने 94 हजार करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान किया है। इस बजट में 89,230.07 आम बजट और 5013.05 अनुपूरक बजट की धनराशि शामिल है।
GSDP बढ़ोतरी में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र की हिस्सेदारी
उत्तराखंड की आर्थिकी बढ़ाने में उत्तराखंड के पर्यटक स्थलों का बढ़ा योगदान रहा है। राज्य के पर्यटक स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता देश-विदेश के पर्यटकों को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं। GSDP में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र की हिस्सेदारी पिछले दो सालों में 37 फीसदी से बढ़कर 43.7 फीसदी हो गई है। जिससे पर्यटन से होने वाली आय में भी लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का योगदान भविष्य में और बढ़ने की संभावना है, जिससे रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।