बीते दिनों जिला प्रशासन हरिद्वार ने अवैध रूप से बनी मजार जैसी धार्मिक संरचना को ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही सरकारी जमीनों को भी खाली कराया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Illegal Religious Constructions Demolished in Haridwar
हरिद्वार: जिला प्रशासन की टीम ने बीते शनिवार को मीरपुर गांव में अवैध रूप से बनाई गई मजार नुमा धार्मिक संरचना को ध्वस्त कर दिया गया। यह निर्माण टिहरी बांध परियोजना पुनर्निवास मंडल ऋषिकेश सिंचाई विभाग की सरकारी जमीन पर स्थित था।
Illegal Religious Constructions Demolished in Haridwar
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के पर उत्तराखंड में अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई। बीते 19 अक्टूबर को हरिद्वार जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसडीएम अजयवीर सिंह ने अतिक्रमण को गिराने का कार्य किया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। प्रशासन की जानकारी के अनुसार रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में टिहरी बांध परियोजना पुनर्निवास मंडल ऋषिकेश सिंचाई विभाग की करीब दो बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर धार्मिक निर्माण किया गया था जिसे प्रशासन ने सफलतापूर्वक हटा दिया।
दो बीघा जमीन पर किया था अवैध धार्मिक निर्माण
हरिद्वार के मीरपुर गांव में करीब 97 हेक्टेयर जमीन थी, जिसमें यूपी सिंचाई विभाग की दो बीघा जमीन भी शामिल थी। यह जमीन अस्थायी कृषि पट्टे पर दी गई थी, जिसकी मियाद समाप्त हो गई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने वहां अवैध धार्मिक संरचना का निर्माण कर लिया था। जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुनर्वास निदेशक ने जमीन को खाली कराने का अनुरोध किया था। अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिया गया था, लेकिन समय पर कार्रवाई न करने पर प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। इसी के चलते प्रशासन ने सीएम धामी के आदेश पर यह कार्रवाई की और आगे भी इसी तरह के अभियान जारी रहेंगे।