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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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चमोली: इन दिनों उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में जंगली जानवरों का आतंक फैला हुआ है। कहीं गुलदार तो कहीं भालू ग्रामीणों के जान के दुश्मन बने हुए हैं। इन जानवरों के भय से गावों में दहशत फैली हुई है। जंगली जानवरों के डर से घरवाले बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं।
सोमवार को देर रात चमोली जिले के जोशीमठ स्थित रविग्राम के स्कूल परिसर के अंदर भालुओं का झुंड घुस गया। इसके अलावा जोशीमठ के डाडो क्षेत्र में भी एक साथ कई भालू दिखाई दिए। स्कूल प्रांगण में 5 से भालू एक साथ घुसे थे। इस तरह गावों में खुले आम घूम रहे भालुओं के भय से पूरे क्षेत्र में दहशत का मौहाल बना हुआ है। भालूओ के झुंड दिखने के बाद वहां के स्थानीय लोगों ने इसकी खबर नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान की टीम को दी। सूचना मिलते ही नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर भालुओं को भगाने के लिए पटाखे जलाए। जोशीमठ के स्थानीय लोगों ने वन विभाग टीम से भालूओं को पिंजरा लगाकर पकड़ने की मांग की है।
जोशीमठ नगर क्षेत्र के आबादी वाले इलाको में इन दिनों दिन-दहाड़े भालू घुमते हुए दिख रहे हैं। इस क्षेत्र में सर्दियों के मौसम में लोगो को कहीं भी किसी भी वक्त भालू सड़क पर चहलकदमी करते हुए दिख जाते हैं। भालूओं को जैसे किसी का भी भय नहीं रह गया हो। लोग इनके डर से घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। जिसका असर बच्चों की पढ़ाई पर हो रहा है। कुछ दिन पहले भी जोशीमठ के रविग्राम इलाके में सड़क पार करते हुए भालुओं का झुण्ड लोगों को दिखा। जिसका वीडियो स्थानीय लोगों ने सोशल मिडिया पर पोस्ट किया।