Uttarakhand: दिवाली से पहले प्रदूषित हवा ने बढ़ाई चिंता, 169 पहुंचा AQI.. अगले 2 हफ्ते बोर्ड करेगा विशेष निगरानी

दीपावली से करीब नौ दिन पहले ही उत्तराखंड का Air Quality Index (AQI) 169 दर्ज किया गया। बीते साल में इन्हीं दिनों तक उत्तराखंड का AQI 110 से 120 तक था, जिसके मुकाबले इस साल प्रदूषण ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Pollution in Uttarakhand: Toxic air raises concern before Diwali  AQI reaches 169
Image: Toxic air raises concern before Diwali AQI reaches 169

देहरादून: दीपावली के मद्देनजर इन दिनों हर जगह प्रदूषण की जांच की जा रही है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPBC) ने राज्य के प्रदूषण स्तर की जांच की, जिसके अनुसार उत्तराखंड में दिवाली से पहले ही प्रदूषण स्तर बहुत तेजी से बढ़ गया है।

Toxic air raises concern before Diwali, AQI reaches 169

दीपावली से करीब नौ दिन पहले ही Air Quality Index (AQI) 160 के पार जा पहुंच गया है। राज्य के कुछ जिलों में प्रदूषण का स्तर अन्य जिलों के मुकाबले अधिक बढ़ा है। मंगलवार 22 अक्टूबर को राजधानी देहरादून का Air Quality Index (AQI) 169 दर्ज किया गया। ऊधम सिंह नगर जनपद में Air Quality Index (AQI) 164 दर्ज किया गया। इन दोनों जिलों (देहरादून और ऊधमसिंहनगर) में अब तक सबसे अधिक प्रदूषण स्तर में वृद्धि हुई है। बीते वर्षों में इन्हीं दिनों तक उत्तराखंड का AQI 110 से 120 तक रहा। लेकिन इस साल प्रदूषण का स्तर बहुत अधिक बढ़ गया है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPBC) ने बताया कि राज्य में इस साल पोस्ट मानसून बारिश नहीं होने के कारण भी प्रदूषण स्तर बढ़ा है। साथ ही राज्य में निर्माण कार्य और वाहनों का धुआं के कारण भी राज्य का प्रदूषण स्तर बढ़ गया है। इससे राज्य में बीमारियां बढ़ने की आशंका हो रही है।

मरीजों की बढ़ सकती है तकलीफ

एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने बताया कि पीएम-2.5 एवं पीएम-10 जैसे छोटे प्रदूषक कण लंबे समय तक हवा में रहते हैं, जो गैस, वाहन उत्सर्जन, तेल, जीवाश्म ईंधन, औद्योगिक प्रक्रिया, निर्माण गतिविधि और सड़क की धूल से आते हैं। दमा एवं सांस रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि प्रदूषण के इस स्तर के कारण अस्थमा, श्वसन संक्रमण, हृदय रोग और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, जैसी बीमारियों के बढ़ने का खतरा पैदा होता है। इसके अलावा लोगों को खासकर सांस के मरीजों की तकलीफ बढ़ सकती है।

प्रदूषण की होगी विशेष निगरानी

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPBC) के सदस्य सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने सभी क्षेत्रीय अफसरों को पत्र के माध्यम से जानकारी दी है कि उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPBC) दीपावली के मद्देनजर राज्य में वायु-ध्वनि प्रदूषण की विशेष निगरानी करेगा। बोर्ड द्वारा कल 24 अक्टूबर से 7 नवंबर तक राज्य में वायु-ध्वनि गुणवत्ता जांची जाएगी। UKPBC द्वारा उतराखंड के देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश, काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी और नैनीताल, में विशेष रूप से प्रदूषण की गुणवत्ता की जाँच की जाएगी।

साइबर हमले में उड़ गया डाटा

उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPBC) की आधिकारिक वेबसाइट पर आठ दिन बाद वायु प्रदूषण के आंकड़े अपडेट किए हैं। इससे पहले देहरादून के प्रदूषण के आंकड़े 13 अक्टूबर को अपडेट किए गए थे। पूरे राज्य का मासिक डेटा अगस्त तक ही अपलोड किया गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुए साइबर हमले के कारण और क्षेत्रीय कार्यालयों से प्रदूषण की जानकारी न मिलने के कारण डेटा अपडेट करने में दिक्कत आ रही है।