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देहरादून: राजधानी देहरादून से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। घंटाघर में स्थित एक GPO से रजिस्ट्री के माध्यम से एक डाक हरिद्वार जनपद के गांव में भेजी गई थी, जिसको पहुंचने में पूरे 48 दिन का समय लगा।
लोक चेतना मंच की कार्यक्रम निदेशक मालती हालदार ने 5 सितम्बर को राजधानी देहरादून के घंटाघर के पास में स्थित एक GPO से रजिस्ट्री के माध्यम से श्याम प्रसाद शर्मा के नाम पर एक डाक हरिद्वार जनपद के दूरस्थ गांव रसूलपुर मीठी बेरी में भेजी थी। इस डाक में उनके कुछ ऑफिशल डॉक्युमेंट्स थे। देहरादून से रसूलपुर मीठी बेरी 111 किलोमीटर दूर है, लेकिन डाक विभाग ने इस डाक को पते तक पहुंचाने में पूरे 48 दिन का समय लिया। निदेशक मालती हालदार ने इस बीच जब भी डाक की ऑनलाइन लोकेशन को ट्रेस किया तो उसको करेन्ट लोकेशन कभी गाजियाबाद में तो कभी नजीबाबाद में शो हो रही थी।
मालती हालदार ने तीन बार GPO में इसकी शिकायत की, तीन बार शिकायत करने के बाद पूरे 48 दिन बाद 23 अक्टूबर को ये डाक रसूलपुर मीठी बेरी गांव के श्याम प्रसाद शर्मा द्वारा रिसीव की गई। डाक समय से न पहुंचने कारण ये भी हो सकता है कि, रसूलपुर मीठी बेरी गांव उत्तराखंड के हरिद्वार में है, लेकिन डाक विभाग की लोकेशन के हिसाब से ये गांव उत्तरप्रदेश में है।
General Post Office के सीनियर पोस्टमास्टर एसएस बिष्ट ने बताया कि डाक के पहुंचने में इतना समय लगना यह एक जांच का विषय है, इसकी जांच करने के बाद ही इसका असली कारण स्पष्ट हो पाएगा। देहरादून डाक विभाग ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।