चमोली: खैनुरी गांव के निराश्रित भाई बहनों को डीएम संदीप तिवारी ने दी सौगात, प्रतिमाह मिलेंगे ₹8000

जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने धनोरी गांव के बेसहारा भाई बहनों को छात्रवृत्ति देने की सुखद पहल की है। सोशल मीडिया पर चमोली के तीन भाई बहनों की दुखद कहानी पर लोगों ने बढ़-चढ़कर भावुक कमेंट किए थे।
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Image: Khainuri siblings to get Rs 8000 monthly scholarship

चमोली: दशोली विकासखंड स्थित खैनूरी गांव के तीन निराश्रित भाई बहनों की दुखभरी कहानी सोशल मीडिया पर दिखाई गई थी। सोशल मीडिया पर चमोली के तीन भाई बहनों की दुखद कहानी पर लोगों ने बढ़-चढ़कर भावुक कमेंट किए थे। अब, जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी ने धनोरी गांव के बेसहारा भाई बहनों को छात्रवृत्ति देने की सुखद पहल की है।

Khainuri siblings to get Rs 8000 monthly scholarship

चमोली ज़िले के दशोली विकासखंड स्थित खैनूरी गाँव निवासी 16 वर्षीय संजना की माँ का देहांत तब हो चुका था जब वह बहुत छोटी थी। संजना के साथ ही उसकी 14 साल की बहन साक्षी और 10 साल के भाई आयुष की जिम्मेदारियों का बोझ उसके पिता पर था। बीते अक्टूबर में संजना के पिता नैन सिंह का भी बीमारी के चलते निधन हो गया और तीनों भाई बहिन अनाथ हो गये। पिता की मौत के बाद प्राइमरी स्कूल की चौथी क्लास में अध्यनरत छोटे भाई और कक्षा 9 में पढने वाली बहन के भरण पोषण की जिम्मेदारी उस संजना पर आ गई, जो अभी खुद गांव के सरकारी इंटर कालेज में दसवीं की छात्रा है।

  • काम आई सरकार की स्पॉन्सरशिप स्कीम

    Khainuri siblings to get Rs 8000 monthly scholarship
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    Image: Khainuri siblings to get Rs 8000 monthly scholarship

    चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए रविवार को ही प्रशासन की टीम बच्चो का हालचाल जानने के लिए खैनूरी गांव भेजी। तहसील प्रशासन की टीम वहां पहुंचकर टीम ने बच्चों का हाल जानने के साथ बाल कल्याण समिति द्वारा बच्चों की काउंसलिंग भी की गई। टीम के द्वारा बच्चों को गांव की ही एक दादी के साथ रखने पर सहमति बनाई गई। बच्चों को सरकार द्वारा दी जाने वाली स्पॉन्सरशिप सहायता के लिए तहसीलदार को आय प्रमाण पत्र और संजना के माता पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र जल्द बनाए जाने को लेकर डीएम के द्वारा निर्देशित किया गया। जिसके बाद बच्चों को सरकार की स्पॉन्सरशिप सहायता से जोड़ दिया जाएगा, जिसमें दो बच्चों को प्रतिमाह कुल 8000 की धनराशि भरण पोषण हेतु बाल विकास विभाग द्वारा दी जाएगी।