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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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चमोली: उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) में एक हैवान बाप ने अपनी ही 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। कोर्ट ने अब हैवान को 20 साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई है।
चमोली जनपद के जोशीमठ में नाबालिग पीड़ित बच्ची अपने परिवार के साथ किराये के मकान पर रहती थी। पीड़िता की मां 2022 में अपने तीन बच्चों को जोशीमठ में उनके पिता के पास छोड़कर अपने गांव गई थी। गांव जाने के तीन दिन बाद पीड़िता की माँ ने अपने तीनों बच्चों को भी गांव बुला लिया। इसके बाद उसकी माँ ने पीड़िता को नहलाते वक्त देखा कि बेटी के शरीर पर दाने थे और उसके प्राइवेट पार्ट पर भी सूजन थी। 10 वर्ष की मासूम बच्ची की ऐसी हालत देखकर मां डर गई। जब माँ ने बच्ची से इस बारे में पूछा तो, उसके बाद पीड़ित बच्ची ने बताया कि उसके पिता ने उसके साथ गलत हरकत की थी।
इसके बाद पीड़िता की मां ने अपने पति के खिलाफ जोशीमठ कोतवाली में शिकायत दर्ज कराइ। पुलिस ने पीड़िता की माँ की तहरीर पर आरोपी पिता के खिलाफ कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद बच्ची का मेडिकल किया गया जिसमें दुष्कर्म साबित हुआ। काफी लम्बे समय तक इस मामले पर पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चलाया गया।
आखिरकार चमोली की अदालत ने अब 2024 के दिसंबर अपनी नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार करते हुए अगले 20 साल की कड़ी सजा सुनाई है। इसके अलावा 20 हजार रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से भी प्रतिकर के रूप में पीड़िता को 30 दिन के भीतर तीन लाख रुपये देने के निर्देश दिए हैं।