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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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बागेश्वर: उत्तराखंड की बेटियां आए दिन हर क्षेत्र में सफलता के परचम लहरा रही हैं। उत्तराखंड की बेटियां सफलता प्राप्त तो कर ही रही हैं, बाकी बेटियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। ऐसी ही एक बेटी है बागेश्वर की स्नेहा बिष्ट, जो पैराग्लाइडिंग पायलट बनी हैं। स्नेहा की काबिलियत को देखने के बाद बागेश्वर की अन्य महिलाऐं भी पैराग्लाइडिंग की ट्रेनिंग लेने लगी हैं। पैराग्लाइडिंग पायलट बनने के बाद अब अन्य महिलाओं और युवाओं को भी प्रशिक्षण दे रही हैं। स्नेहा अब तक पैराग्लाइडिंग के सात बैचों को प्रशिक्षण दे चुकी हैं।
पैराग्लाइडिंग पायलट स्नेहा ने बताया कि वे शुरू से ही एडवेंचर एक्टिविटी की बहुत शौक़ीन थी, एडवेंचर की दुनिया में उनको काफी रूचि थी। स्नेहा अक्सर अपने कॉलेज के दिनों में एडवेंचर से जुड़ी वीडियो देखती रहती थीं। फिर इस दौरान उनकी शादी हो गई। पति सौरभ बिष्ट पैराग्लाइडिंग साइट पर फ्लाई करते थे तो धीरे-धीरे स्नेहा भी पति के साथ पैराग्लाइडिंग साइट पर जाने लगीं। स्नेहा बताती हैं कि उनको ऊंचाई से डर नहीं लगता है इसलिए वह बेझिझक होकर फ्लाई कर पाती हैं।
उत्तराखंड सरकार युवाओं के लिए स्वरोजगार हेतु एडवेंचर एक्टिविटी में भी काफी योजनाओं की पहल कर रही है, तो स्नेहा उन्होंने भी इस ओर अपने कदम बढ़ाए। स्नेहा बिष्ट ने कपकोट के दुलम में फ्लाई हिमालय एडवेंचर एंड बागेश्वर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (Fly Himalaya Adventure and Bageshwar Paragliding Association) से पैराग्लाइडिंग ट्रेनिंग ली है। स्नेहा के प्रशिक्षक ने बताया की बागेश्वर जनपद के लिए ये बेहद ख़ुशी और गर्व की बात है कि जिले में अब महिलाओं को महिला प्रशिक्षक मिल गई है।