देहरादून: संवरेंगी शहर की पौराणिक धरोहरें, डीएम सविन बंसल ने 10 करोड़ रुपए जुटाकर दिया टेंडर

देहरादून में हार्ट ऑफ द सिटी में साई मंदिर, जंक्शन और कुठाल गेट के आसपास स्थानीय संस्कृति के विकास और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एक व्यापक योजना बनाई गई है।
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DM Savin Bansal: DM Savin Bansal release 10Cr for the ancient heritage of Dehradun
Image: DM Savin Bansal release 10Cr for the ancient heritage of Dehradun

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल ने शहर के मुख्य चौक चौराहे को पौराणिक धरोहर से सजाने और जनता को सुरक्षित सड़क सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। जनपद में पौराणिक धरोहर की सुरक्षा के साथ सड़क सुरक्षा के लिए निरंतर सुधार कार्य जारी है।

DM Savin Bansal release 10Cr for the ancient heritage of Dehradun

डीएम बंसल ने महीनों की मेहनत के बाद शहर में नव निर्माण और सौंदर्यीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये की धनराशि जुटाई है। डीएम बंसल ने साईं मंदिर जंक्शन, कुठालगेट चौक, घंटाघर का सौंदर्यीकरण, दिलाराम चौक पर सांस्कृतिक दीवार, 11 जंक्शनों पर ट्रैफिक जंक्शन लाइटों की स्थापना और आईएसबीटी चौक से आउटफॉल तक ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण तथा मौजूदा नाले की सफाई के लिए स्मार्ट सिटी से बजट का प्रबंधन किया है। इन कार्यों के लिए विधिवत टेंडर जारी किए गए हैं। सभी कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में एक वर्ष का रखरखाव भी शामिल है। देहरादून में हार्ट ऑफ द सिटी में साई मंदिर, जंक्शन और कुठाल गेट के आसपास स्थानीय संस्कृति के विकास और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए एक व्यापक योजना बनाई गई है।

यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा

राज्य की सांस्कृतिक विशेषताओं को दर्शाते हुए कला के माध्यम से चौराहों को सजाया जाएगा। लोक परंपरा, सांस्कृतिक धरोहर, और धार्मिक स्थलों की कलाकृतियों के साथ आंदोलनकारियों की याद को भी संजोया जाएगा। शहर में सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़कों और चौराहों के सुधार और सौंदर्यीकरण की योजना बनाई गई है। जनपद में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चौराहों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें सांस्कृतिक परिदृश्य और पारंपरिक लोक कलाकारी का समावेश होगा। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य की लोक और स्थापत्य कला से पर्यटकों को परिचित कराना है। चौराहों पर राज्य की प्रमुख विभूतियों और राज्य आंदोलन से संबंधित स्मृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। सड़क सुरक्षा के सुधार कार्यों के साथ-साथ लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को जोड़कर इसे विकसित किया जाएगा।