उत्तराखंड आंदोलन का इतिहास स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल, धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला.. जानिये

उत्तराखंड में कक्षा छह से आठ तक के स्कूली पाठ्यक्रम में राज्य आंदोलन का इतिहास शामिल किया जाएगा, इसके लिए अतिरिक्त पुस्तक के रूप में ‘हमारी विरासत और व्यक्तित्व’ को शामिल किया जाएगा।
Advertisement केदार हिमालय के ऐसे ट्रेक जहां रास्ता खुद आपको चुनता है

बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।

Example Ads Media
History of Uttarakhand movement: History of the state movement included in school curriculum
Image: History of the state movement included in school curriculum

देहरादून: उत्तराखंड कैबिनेट ने कक्षा छह से आठ तक के पाठ्यक्रम में राज्य निर्माण के लिए हुए उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास को शामिल करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही उत्तराखंड की लोक संस्कृति के विभिन्न आयामों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

History of the state movement included in school curriculum

उत्तराखंड राज्य के लिए पहाड़ियों के बलिदान को उत्तराखंड के नौनिहाल कक्षा 6 से कक्षा आठ तक अब पढ़ सकेंगे। "हमारी विरासत और व्यक्तित्व" नामक पुस्तक को उत्तराखंड के स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक की कक्षाओं के लिए अतिरिक्त पुस्तक के रूप में उपलब्ध कराया गया है। वैसे शिक्षाविदों का कहना है कि यह पुस्तक अतिरिक्त पुस्तक के रूप में न होकर आवश्यक पुस्तक के रूप में लागू की जानी चाहिए। पुस्तक में उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान शहीद हुए सेनानियों के साथ ही ऐसे कई चरित्र को दर्शाया गया है जिन्होंने राज्य के सहीं। बहरहाल, कक्षा छह से आठ तक कक्षाओं के लिए अतिरिक्त पुस्तक के रूप में ‘हमारी विरासत और व्यक्तित्व’ को कैबिनेट द्वारा पारित कर दिया गया है।

तीन साल का ITI होगा 12th के समकक्ष

मुख्यमंत्री धामी कैबिनेट द्वारा लिया गया एक अन्य महत्वपूर्ण शिक्षा संबंधी निर्णय में कक्षा 10 (हाईस्कूल) उत्तीर्ण करने के बाद उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित तीन वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण करना राज्य विद्यालयी शिक्षा परिषद की कक्षा 12 (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण करने के समतुल्य होगा। इस प्रकार, डिप्लोमा परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने के पात्र होंगे।