जेसीबी चलते ही लोगों में जरूरी सामान सुरक्षित बचाने के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्त्पन्न हुई। निगम की टीम द्वारा शाम करीब चार बजे तक 100 से अधिक झोपड़ियों को जेसीबी से ध्वस्त किया गया।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
Example Ads Media
Image: Action taken against encroachment in Rishikesh
ऋषिकेश: ऋषिकेश में लगभग 100 से अधिक अवैध झुग्गी-झोपड़ियों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान झोपड़ी वासियों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस बल की उपस्थिति के कारण उनकी बात नहीं सुनी गई।
Action taken against encroachment in Rishikesh
नगर निगम की टीम ने बीते सोमवार को सुबह तीन जेसीबी और चार ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ ऋषिकेश के मायाकुंड पहुंची। इस टीम में घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार, सफाई निरीक्षक अभिषेक मल्होत्रा, अजय बागड़ी आदि शामिल थे। नगर टीम के पहुंचते ही चंद्रभागा और गंगा किनारे बसे झोपड़ी वासियों में हड़कंप मच गया। निगम की जेसीबी चलते ही लोगों में जरूरी सामान सुरक्षित बचाने के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्त्पन्न हुई। निगम की टीम द्वारा शाम करीब चार बजे तक 100 से अधिक झोपड़ियों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।
बस्ती वासियों ने किया विरोध
नगर निगम द्वारा अतिक्रमण पर की गई ये अचानक कार्रवाई को लेकर बस्ती निवासियों ने विरोध भी किया। बस्ती वासियों ने निगम की टीम से मोहलत भी मांगी, लेकिन उसके बावजूद झोपड़ियों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या पुलिस बल भी तैनात था।
जीवन और संपत्ति को खतरा
नगर आयुक्त शैलेंद्र सिंह नेगी ने जानकारी दी कि मानसून का मौसम आने वाला है। मानसून के समय नदी किनारे रहने वाले अतिक्रमणकारियों की झोपड़ियों के जीवन और संपत्ति को खतरा था। इस कारण से चंद्रभागा और गंगा किनारे अतिक्रमण को हटाया जाना जरुरी था। उन्होंने बताया कि इससे एक दिन पहले न्यू त्रिवेणी कॉलोनी और उसके आसपास चंद्रभागा नदी से 45 झोपड़ियों को हटाया गया। उन्होंने कहा कि शहर के आंतरिक मार्गों में भी अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।