उत्तराखंड के साथ पूरे देश की जनता आज अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है...
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: verdict in Ankita Bhandari murder case today
कोटद्वार: बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोर्ट के फैसले का इन्तजार आज खत्म होने जा रहा है। आज 30 मई को कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी। 2 साल 8 महीने चली सुनवाई के बाद आज कोर्ट इस मामले में अपना आखिरी फैसला सुनाएगा।
verdict in Ankita Bhandari murder case today
गौरतलब हो कि 18 सितंबर 2022 को ऋषिकेश स्थित वंतारा रिज़ॉर्ट से अंकिता भंडारी लापता हुई थीं। उसके 6 दिन बाद चीला नहर से अंकिता का शव बरामद हुआ, जिसके बाद प्रदेशभर में आक्रोश फैल गया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य ने अपने दो अन्य कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर अंकिता को चीला नहर में धक्का देकर उसकी हत्या कर दी थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिजॉर्ट में एक ‘वीआईपी’ अतिथि को ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ देने से अंकिता द्वारा मना करने पर उपजे विवाद के चलते उसकी हत्या की गयी।
500 पन्नों की चार्जशीट और 97 गवाह नामित
इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, जिसने 500 से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। इसमें कुल 97 गवाह नामित किए गए थे, जिनमें से अभियोजन पक्ष ने 47 गवाहों को पेश किया। इस मामले के आरोपियों भाजपा के पूर्व नेता का पुत्र पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को फिलहाल न्यायिक हिरासत में रखा गया है। वंतारा रिज़ॉर्ट का मालिक और इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर IPC की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य मिटाना), 354A (छेड़छाड़) और अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। वहीं, अन्य दोनों आरोपियों पर भी हत्या और अनैतिक कार्यों में सहयोग करने के आरोप लगे हैं।
सुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
आज 30 मई को कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में अपना फैसला सुनाएगी। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे से अदालत में सुनवाई शुरू होगी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाएगा, पुलिस द्वारा कोर्ट परिसर के 200 मीटर के दायरे को सील किया जाएगा। इस दौरान लेवल वकील, केस से जुड़े पक्ष और जरूरी स्टाफ को ही भीतर जाने की अनुमति मिल पाएगी। SSP पौड़ी के नेतृत्व में पुलिस फोर्स की तैनाती रहेगी।
हत्यारों को फांसी की सजा
अंकिता भंडारी के पिता वीरेन्द्र सिंह भंडारी का कहना है कि आरोपियों को मौत के बदले मौत की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि "मेरे जीते जी मेरी बेटी के हत्यारों को फांसी की सजा मिल जाए। उनका कहना कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितम्बर 2023 को श्रीकोट नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखे जाने की घोषणा की थी, लेकिन 20 माह बीत जाने के बाद भी नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर नहीं रखा गया। ” उत्तराखंड के साथ पूरे देश की जनता अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रही है।