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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में मानसून के आगमन के साथ ही भारी बारिश ने हर जगह तबाही मचा दी है। सरकार ने आपदा या किसी आपात स्थिति के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले से ही अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद, कुछ अधिकारी बिना अनुमति के मोबाइल स्विच ऑफ कर ड्यूटी से गायब थे। डीएम नितिका खंडेलवाल ने इन सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
जनपद टिहरी गढ़वाल की डीएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी द्वारा जिले में बारिश के रेड अलर्ट को ध्यान में रखते हुए सभी मार्गों पर जेसीबी मशीनें तैनात करने और रिस्पांस टाइम को न्यूनतम रखने का निर्देश दिया गया है। सीएम धामी के निर्देशनुसार जिला प्रशासन ने बारिश के रेड अलर्ट के दौरान संवेदनशील स्थानों बसे परिवारों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है, जिनमें घनसाली के 24 और टिहरी में 8 परिवार शामिल हैं। जिला प्रशासन ने तेज बारिश या किसी आपात स्थिति के लिए तहसील स्तर पर सभी नियंत्रण कक्षों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। सभी बाढ़ चौकियों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जा रहा है। लोगों को नदी किनारे जाने से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने बताया कि जनपद के सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि आपदा या किसी आपात स्थिति के लिए पहले से अलर्ट रहें। इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जिले में बारिश के अलर्ट के दौरान कोई भी अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता। यदि किसी परिस्थिति में अधिकारियों को मुख्यालय छोड़ के जाना पड़ जाता है, तो उसका मोबाइल फोन ऑन रहना चाहिए। लेकिन सख्त निर्देशों के बावजूद बीते दिन कुछ अधिकारी मुख्यालय में मौजूद नहीं थे और उनके मोबाइल फोन भी बंद थे। डीएम ने सम्बंधित अधिकारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने सख्त हिदायत दी है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही बरतता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।