स्थानीय लोगों ने बताया कि ये दुकाने ‘व्यू पॉइंट’ के नाम से स्वरोजगार के लिए हमें दी गए थे। महिलाओं ने उन स्थानों पर दुकानें खोलकर अपने परिवार का भरण-पोषण करना शुरू किया था। लेकिन अब अचानक प्रशासन ने उन्हें अतिक्रमण बताकर उजाड़ दिया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Nainital DM Office demolished shops allotted for self-employment
नैनीताल: प्रशासन की टीम ने नैनीताल जिले के भूमियाधार क्षेत्र में सड़क के किनारे हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की है। SDM के नेतृत्व में टीम ने 25 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान दुकान के मालिकों, विशेषकर महिलाओं ने अतिक्रमण हटाने आई टीम का जमकर विरोध किया।
Nainital DM Office demolished shops allotted for self-employment
एसडीएम नवाजिश खालिक के नेत्रित्व में प्रशासन की एक टीम को भूमियाधार क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए भेजा गया था। इस दौरान प्रशासन की टीम ने क्षेत्र में करीब 25 दुकानों को अतिक्रमण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों, खासकर महिलाओं में गहरा आक्रोश देखा गया। दुकानदारों ने प्रशासन की इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि यह उनकी आजीविका छीनने के समान है। प्रशासन द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
‘व्यू पॉइंट’ के नाम से शुरू हुआ स्वरोजगार
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें दुकान लगाने के लिए ये जगह पंचायत द्वारा दी गई थी। लेकिन अब प्रशासन ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें बेदखल कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों को अब अतिक्रमण के रूप में हटाया गया है, वे स्थान कई साल पहले ग्राम पंचायत द्वारा ‘व्यू पॉइंट’ के नाम से स्वरोजगार के लिए हमें दिए गए थे। महिलाओं ने उन स्थानों पर दुकानें खोलकर अपने परिवार का भरण-पोषण करना शुरू किया था। लेकिन अब अचानक प्रशासन ने उन्हें अतिक्रमण बताकर उजाड़ दिया है।
यातायात सुधार में अतिक्रमण हटाना जरूरी: प्रशासन
एसडीएम नवाजिश खालिक ने जानकारी दी कि भूमियाधार क्षेत्र में कई दुकानों ने मुख्य सड़क के किनारे अतिक्रमण कर रखा था। इन दुकानों के कारण वहां पर यातायात में रुकावट आ रही थी और हादसों का खतरा भी बना हुआ था। उन्होंने बताया कि दुकान मालिकों को पहले ही सूचित किया गया था। इसके बावजूद, भी दुकान के मालिकों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। आखिरकार प्रशासन को नियमों के अनुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि यह अभियान सड़क चौड़ीकरण और यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शुरू किया गया है। प्रशासन ने इन दुकानदारों को दुकाने खाली करने का समय दिया गया था। उन्होंने बताया यह सरकारी भूमि है और इस पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था। यहां पर यातायात व्यवस्था में सुधार और सुरक्षा के लिए अतिक्रमण को हटाना आवश्यक था।