हादसे के दौरान पहाड़ी से पहले छोटे-छोटे पत्थर गिरे, और फिर अचानक बड़े पत्थर गिरने लगे। पहाड़ी के पत्थरों को गिरता देख पूरे बाजार में हडकंप मच गया, सड़कों पर लोग इधर-उधर भागने लगे।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Terrible landslide in Devprayag
टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा गिरने से आए दिन मार्ग अवरुद्ध हो रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं। आज सुबह देवप्रयाग में नृसिंहगाचल पर्वत का एक हिस्सा भी भूस्खलन के कारण दरक गया।
Terrible landslide in Devprayag
जानकारी के अनुसार, देवप्रयाग के संगम क्षेत्र से सटे पौड़ी बाह बाज़ार के ऊपर नृसिंहगाचल पर्वत दरकने से भारी मात्रा में मलबा और कई टन वजनी बोल्डर तेजी से नीचे लुढ़कते हुए बहा बाजार में आ गिरे। इस हादसे के दौरान पूरे बाजार में चीख-पुकार मच गई। पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डरों की चपेट में आने से तीन मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। ये मकानों के मालिक विपिन चंद्र मिश्रा, भगवती प्रसाद मिश्रा और पनीलाल हैं। दुर्भाग्य से, हादसे के समय पनीलाल अपने घर के अंदर मौजूद थे, मकान के ऊपर बोल्डरों के गिरने से वो घायल हो गए। इन मकानों के अलावा, पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से एक गौशाला और दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
पूरे बाजार में मचा हडकंप
स्थानीय निवासियों ने कहा कि हादसे के दौरान पहाड़ी से पहले छोटे-छोटे पत्थर गिरे, और फिर अचानक बड़े पत्थर गिरने लगे। पहाड़ी के पत्थरों को गिरता देख पूरे बाजार में हडकंप मच गया, सड़कों पर लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान बाजार के दूसरी तरफ रहने वाले लोगों ने अपने कमरों से इस घटना को कैमरे में कैद कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग टीम और आपदा प्रबंधन की टीम ने मौके पर पहुँच कर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में दो लोग घायल हुए हैं, जिनकों इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा है।
पौड़ी-देवप्रयाग हाईवे पर यातायात प्रभावित
पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण पौड़ी गढ़वाल-देवप्रयाग हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। पौड़ी गढ़वाल के एसडीएम दीपक रामचंद्र सेठ ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने के लिए कर्मचारी तैनात किए गए। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
इसी स्थान पर पहले भी चुका है भूस्खलन
आपको बता दें कि देवप्रयाग में नृसिंहगाचल पर्वत से इस तरह बोल्डर और मलबा गिरने की यह घटना दूसरी बार हुई। इससे पहले भी साल 2010 में इसी जगह पर भारी बोल्डर गिरने की घटना हुई थी। इस हादसे ने स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ा दी है। बार-बार हो रही इस तरह की घटनाओं ने क्षेत्र में भूस्खलन के खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।