छात्रों का आरोप है कि न केवल परिणामों में भारी गड़बड़ी है, बल्कि कई छात्रों को अनुपस्थित तक दर्शा दिया गया, जबकि उन्होंने समय से परीक्षा दी और उत्तर पुस्तिकाएं पूरी भरी थीं....
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: whole class failed in 6th semester
उत्तरकाशी: श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय अपनी शिक्षा व्यवस्था की बजाए अपनी ‘गलतियों’ को लेकर बार-बार छात्रों के निशाने पर रहा है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन सुधरने के मूड में नहीं लग रहा है।
whole class failed in 6th semester
एक बार फिर अपनी लापरवाही के चलते विश्वविद्यालय छात्रों के निशाने पर है। हाल ही में घोषित बीए छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में उत्तरकाशी कॉलेज में लगभग पूरी कक्षा को फेल कर दिया गया है। हैरत की बात यह है कि इसमें वर्षों से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स भी शामिल हैं। छात्रों का आरोप है कि न केवल परिणामों में भारी गड़बड़ी है, बल्कि कई छात्रों को अनुपस्थित तक दर्शा दिया गया, जबकि उन्होंने समय से परीक्षा दी और उत्तर पुस्तिकाएं पूरी भरी थीं। छात्रों के अनुसार यह विश्वविद्यालय की कॉपी मूल्यांकन प्रणाली की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
पहले भी कर चुका है ऐसी गलती
यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कई वर्षों से श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय इस प्रकार की गलतियों के लिए बदनाम रहा है, जहाँ परिणाम में लापरवाही के कारण छात्रों को मानसिक तनाव और भविष्य के अवसरों में नुकसान उठाना पड़ा है। ओम छात्र संगठन के संस्थापक अमरीकन पुरी ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। हम इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विवि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन
छात्र नेता विनय मोहन चौहान ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच और सुधारात्मक कार्यवाही नहीं हुई तो हम उत्तरकाशी महाविद्यालय में ताला बंदी करेंगे और विवि प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगे। छात्रों का कहना है सभी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा निष्पक्ष जांच हो। स्वतंत्र जांच समिति गठित कर मामले की विवेचना हो। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर पुनः संशोधित परिणाम जारी किया जाए।