उत्तराखंड: नशे की हालत में आया था ऑफिस, पकड़े जाने पर कनिष्ठ सहायक निलंबित

डीपीआरओ भूपेंद्र आर्य ने आरोपी के खिलाफ सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत दिनेश चंद्र को निलंबित कर दिया।
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
Junior assistant suspended: Junior assistant suspended after being found drunk in office
Image: Junior assistant suspended after being found drunk in office

चम्पावत: जनपद चंपावत में एक कनिष्ठ सहायक को कार्यालय के समय में शराब पीने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में तैनात दिनेश चंद्र को नशे की हालत में पाया गया था।

Junior assistant suspended after being found drunk in office

जानकारी के अनुसार चम्पावत जनपद के जिला पंचायतराज विभाग के कनिष्ठ सहायक दिनेश चंद्र को कार्यालय के समय में शराब पीते हुए पकड़ा गया। चिकित्सा परीक्षण में कनिष्ठ सहायक के नशे में होने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने शिकायत मिलने पर उनका मेडिकल कराया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान, उन्हें सीडीओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। पुलिस ने उनके ऊपर 500 रुपये का चालान भी किया।

पुलिस एक्ट के तहत 500 रुपये का चालान

आरोपित कनिष्ठ सहायक दिनेश चंद्र जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय में कार्यरत थे। बीते 10 जुलाई को उन्हें कार्यालय में नशे की हालत में पाया गया था। प्रकरण की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस ने आरोपित को जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया। डा.गौरांग जोशी द्वारा कार्मिक के शराब के नशे में होंगे पुष्टि की गई। आरोपित का पुलिस एक्ट के तहत 500 रुपये का चालान किया गया।

स्वीकार नहीं की जाएगी अनुशासनहीनता

डीपीआरओ भूपेंद्र आर्य ने आरोपी के खिलाफ सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली के तहत दिनेश चंद्र को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि शासकीय कार्यालयों में अनुशासन, मर्यादा और कार्य संस्कृति को बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है। भूपेंद्र आर्य ने कहा कमचारियों द्वारा कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।