चेपडों बाजार में व्यापारियों की सालों की मेहनत से खड़ी की गई दुकानें देखते ही देखते मलबे में दब गई। कई परिवार बेघर हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया आपदा के समय चेपडों बाजार में मौजूद कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ अब भी लापता हैं।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
Image: Chamoli Tharali Disaster Story
चमोली: उत्तराखंड राज्य अभी उत्तरकाशी के धराली की आपदा से उबर भी नहीं पाया था कि बीती रात चमोली के थराली इलाके में भीषण तबाही ने लोगों की नींद छीन ली। थराली में शुक्रवार को देर रात हुई भारी बारिश ने कई इलाकों को तबाह कर दिया। चेपडों गांव का तो पूरा बाजार मलबे में दब गया, कई लोग बेघर हो गए। इस आपदा में एक युवती की मौत हो गई और एक व्यक्ति अब भी मलबे के लापता है।
Chamoli Tharali Disaster Story
चमोली जिले के थराली आपदा से सबसे अधिक नुकसान चेपडों गांव के बाजार को हुआ है। यहां कई दुकानों का नामोनिशान मिट गया। स्थानीय व्यापारी देवी जोशी ने बताया कि बीते शुक्रवार रात करीब 11 बजे उन्हें टुंडरी गांव से फोन आया कि इलाके में बादल फटा है। कॉल मिलते ही वे तुरंत अपनी दुकान पहुंचे और जरूरी कागजात और गाड़ियां सुरक्षित करने लगे। इसी दौरान उनके पिता भी दुकान पर आ पहुंचे। जोशी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। कुछ देर तक सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन करीब 12 बजे रात दोबारा से जोरदार बारिश हुई और पानी के भयानक सैलाब में देवी जोशी के पिता बह गए और उनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया। वे प्रशासन से अपने पिता को खोजने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, "हम पिता के बिना अनाथ हो गए हैं। अगर उनका शव भी मिल जाए तो हमें शांति मिलेगी।"
घायलों को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स भेजा गया
चेपडों बाजार में जिन व्यापारियों ने वर्षों की मेहनत से दुकानें खड़ी की थीं, देखते ही देखते उनका सब कुछ खत्म हो गया। कई परिवार बेघर हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया आपदा के समय चेपडों बाजार में करीब 60 लोग मौजूद थे। उनमें से कई गंभीर रूप से घायल हुए और कुछ अब भी लापता हैं। आज चेपडों गांव से चार घायलों को एयर एंबुलेंस की मदद से ऋषिकेश एम्स भेजा गया है, और दो अन्य घायलों को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स भेजा गया।
एक युवती की मौत
इस आपदा ने थराली के मुख्य बाजार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। इस आपदा में सगवाड़ा गांव भी प्रभावित हुआ है, जहां एक युवती की मौत हो गई, उसका शव बरामद कर लिया गया है। चेपडों बाजार के अन्य व्यापारियों ने बताया कि बीती देर रात अचानक पानी का प्रवाह इतना तेज हुआ कि उनकी दुकानें तेज बहाव में बह गईं। उन्हें इतना भी समय नहीं मिल पाया कि वे दुकान से जरुरी सामान सुरक्षित कर सकें। उन्होंने सरकार से मदद की मांग की है। दरअसल थराली से चेपडों गांव की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है, लेकिन सड़कों की हालत इतनी खराब है कि प्रशासन की टीमें अभी तक वहां पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं।
क्या थराली में बादल फटने से आई आपदा?
स्थानीय लोग थराली आपदा को बादल फटना बता रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने इससे इंकार किया है। मौसम विभाग, देहरादून केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल ने जानकारी दी कि शुक्रवार रात पूरे थराली क्षेत्र में कुल 147 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से बहुत अधिक बारिश है, लेकिन इसे तकनीकी रूप से बादल फटना नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि "यदि किसी इलाके में एक घंटे के भीतर 100 मिमी से अधिक बारिश हो जाए, तो उसे बादल फटना माना जाता है।"