देहरादून: आक्रामक कुत्तों की होगी धरपकड़, सख्त होगा पंजीकरण.. आवारा डॉग लवर्स का होगा चालान

कुत्तों के हमलों से बचाने के लिए एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलेगा। कुत्ता शिकायत प्रकोष्ठ (डॉग हेल्पलाइन) और एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। आक्रामक और हमलावर कुत्तों की पहचान कर उन्हें लंबे समय तक एबीसी सेंटर में रखा जाएगा..
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Campaign against Stray dogs: Campaign will be run against dog attacks in Dehradun
Image: Campaign will be run against dog attacks in Dehradun

देहरादून: राजधानी देहरादून में लगातार बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक परेशान लोगों को राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने अब बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अब नगर निगम देहरादून ने भी एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर की क्षमता को तीन गुना बढ़ाने की तैयारी कर ली है।

Campaign will be run against dog attacks in Dehradun

सुप्रीम कोर्ट की नई नीति के अनुसार, आक्रामक आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाए, जबकि कम आक्रामक कुत्तों को वैक्सीनेशन के बाद उसी क्षेत्र में छोड़ा जाए। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि आवारा कुत्तों को खाना देने वालों को भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। यदि उनके द्वारा खिलाए गए कुत्ते किसी राहगीर पर हमला करते हैं, तो उन्हें कुत्ते का मालिक मानकर ₹1,000 से ₹2,000 तक का चालान लगाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देशों के बाद अब देहरादून नगर निगम ने भी एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर की क्षमता को तीन गुना बढ़ाने की तैयारी कर ली है। अब तक सेंटर में करीब 70 कुत्तों को रखने की व्यवस्था है, जिसे बढ़ाकर 200 से अधिक किया जाएगा।

डॉग हेल्पलाइन और टोल फ्री नंबर होगा जारी

अब देहरादून नगर निगम भी जल्द ही पालतू कुत्तों के पंजीकरण को सख्त करेगा और बंध्याकरण एवं टीकाकरण की प्रक्रिया को तेज करेगा। इसके साथ ही नागरिकों को कुत्तों के हमलों से बचाने के लिए एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है। नगर निगम ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। इसके साथ ही जल्द ही कुत्ता शिकायत प्रकोष्ठ (डॉग हेल्पलाइन) और एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जाएगा। नगर निगम द्वारा आवारा कुत्तों से सावधान रहने के लिए पोस्टर-बैनर के जरिए जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा।

आक्रामक कुत्तों की होगी धरपकड़

नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वरुण अग्रवाल के अनुसार, वर्ष 2016 से चल रहे बंध्याकरण अभियान के तहत अब तक करीब 53 हजार आवारा कुत्तों का बंध्याकरण और टीकाकरण किया जा चुका है। इसके बावजूद अभी भी शहर में लगभग 20 प्रतिशत कुत्तों की नसबंदी बाकी है। नगर निगम अब आक्रामक और हमलावर कुत्तों की पहचान कर उन्हें लंबे समय तक एबीसी सेंटर या शेल्टर होम में रखने की योजना बना रहा है। इन कुत्तों का उपचार और व्यवहार सुधार प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें छोड़ा जाएगा।