आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चंद शर्मा को आवश्यकता से अधिक एनेस्थीसिया की डोज दी गई। उससे जब उनकी हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर ने परिजनों पर उन्हें तुरंत अस्पताल से बाहर ले जाने का दबाव डाला।
Image: SIDKUL worker Killed by overdose of anesthesia
हरिद्वार: हरिद्वार में एक निजी अस्पताल में एक कंपनी कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों और सहकर्मियों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उन्हें एनेस्थीसिया की आवश्यकता से अधिक डोज दी गई, जिस कारण उनकी मौत हुई।
SIDKUL worker killed by overdose of anesthesia
जानकारी के अनुसार करीब एक महीने पहले हरिद्वार के सिडकुल कंपनी में कार्यरत चंद शर्मा एक सड़क हादसे का शिकार हुए थे। हादसे में उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके इलाज के लिए उन्हें मध्य हरिद्वार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उनका पहला ऑपरेशन किया गया और डॉक्टरों ने दावा किया कि उनकी स्थिति सामान्य है। परिजनों का कहना है कि बीते दो दिन पहले ही चंद शर्मा का इलाज कर रहे डॉक्टर ने न्यू हरिद्वार कॉलोनी स्थित अपने अस्पताल में उनका दूसरा ऑपरेशन किया। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चंद शर्मा को आवश्यकता से अधिक एनेस्थीसिया की डोज दी गई थी। जिस कारण ऑपरेशन समाप्त होने के बाद भी मरीज होश में नहीं आ सके।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल से बाहर भेजा मरीज
परिजनों ने डॉक्टर पर यह भी आरोप लगाया है कि जब मरीज की हालत बिगड़ती चली गई तो डॉक्टर ने परिजनों पर उन्हें तुरंत अस्पताल से बाहर ले जाने का दबाव डाला। बीते शुक्रवार देर शाम परिजन चंद शर्मा को कनखल स्थित एक धर्मार्थ अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन यहां डॉक्टरों ने काफी प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचा सके और देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। सिडकुल कंपनी कर्मचारी की मौत की खबर मिलते ही उनके साथी कर्मचारी एक बस भरकर न्यू हरिद्वार कॉलोनी स्थित अस्पताल पहुंच गए।
पोस्टमार्टम के लिए गया शव
जिसके बाद मृतक के साथी कर्मचारियों और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों को समझाने-बुझाने का प्रयास शुरू किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं, कर्मचारियों और परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।