उत्तराखंड: गर्जिया मंदिर की 50 सीढ़ियां चढ़कर पुल पर पहुंचा हाथी, CCTV में कैद हुआ अनोखा दृश्य.. Video

जब पूरा शहर गहरी नींद में था, उसी समय एक जंगली हाथी ने गर्जिया मंदिर के पास बने पुल की 50 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर परिसर में पहुंचा। इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.. देखिए
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Elephant in Garjiya Temple: Elephant climbs 50 steps of Garjiya Temple
Image: Elephant climbs 50 steps of Garjiya Temple

रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर में शुक्रवार तड़के एक अनोखी घटना ने सबको को चौंका दिया। जब पूरा शहर गहरी नींद में था, उसी समय एक जंगली हाथी ने गर्जिया मंदिर के पास बने पुल की 50 सीढ़ियां चढ़कर सबको हैरान कर गया। करीब हाथी शांति से सीढ़ियों से उतरकर जंगल की ओर लौट गया।

Elephant climbs 50 steps of Garjiya Temple

गर्जिया मंदिर के पुजारी मनोज पांडे ने बताया कि शुक्रवार को तड़के सुबह करीब तीन बजे यह घटना हुई है। जब चारों ओर सन्नाटा पसरा हुए था सभी लोग सोए हुए थे। उसी दौरान जंगल से निकलकर विशालकाय हाथी मंदिर की ओर बढ़ा। इस विशालकाय हाथी ने बड़ी सहजता से मंदिर की 50 सीढ़ियां चढ़कर सबकी हैरान कर दिया। उसके बाद हठी कुछ देर तक मंदिर के पुल पर टहलता रहा। करीब दस मिनट तक पुल पर टहलने के बाद के हाथी शांत अंदाज में सीढ़ियों से उतरकर जंगल की ओर चला गया।"

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

पुजारी मनोज पांडे ने बताया कि यह कोई पहली बार की घटना नहीं है जब हाथियों ने इस तरह का अनोखा कारनामा किया हो। इसके पहले भी गर्जिया पुल पर हाथियों की विचित्र और प्रभावशाली चहलकदमी देखी जा चुकी है, जो स्थानीय लोगों के लिए रोमांचक और कभी-कभी डरावनी भी साबित होती रही है।

डीएफओ ने की सतर्क रहने की अपील

रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया ने इस घटना को आम और सामान्य बताते हुए कहा कि गर्जिया क्षेत्र हाथियों के कॉरिडोर का एक अहम हिस्सा है। यह मार्ग उनके प्राकृतिक आवागमन का हिस्सा है, जिससे हाथियों की आवाजाही यहां बार-बार होती रहती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह इलाका केवल हाथियों ही नहीं, बल्कि अन्य जंगली जानवरों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां वे भोजन, पानी या क्षेत्रीय विचरण के लिए नियमित रूप से आते-जाते रहते हैं। डीएफओ ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से आग्रह किया कि वे इस क्षेत्र में सतर्क रहें, हाथियों के रास्ते में अचानक प्रवेश करने से बचें और हमेशा सुरक्षित दूरी बनाए रखें। उनका कहना था कि हाथी भले ही शांतिप्रिय जानवर हों, लेकिन यदि उन्हें या उनके बच्चे को खतरा महसूस हुआ तो वे अप्रत्याशित प्रतिक्रिया दे सकते हैं।