समारोह में डॉक्टरों के बीच किसी मामूली बात को लेकर पहले हल्की कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते यह मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई और लात घुसे भी चलने लगे। दोनों पक्षों के झगड़े के बीच किसी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया..
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राज्य समीक्षा डेस्क
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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: Two injured in scuffle between doctors at Rishikesh AIIMS
ऋषिकेश: ऋषिकेश एम्स में आयोजित पांच दिवसीय ‘पाइरेक्सिया’ कार्यक्रम के समापन के बाद पीजी डॉक्टरों के बीच की कहासुनी बढ़ते-बढ़ते हाथापाई में बदल गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धारदार हथियार का भी प्रयोग होने लगा, जिसमें दो डॉक्टर घायल हो गए। दोनों घायलों को उपचार के लिए एम्स में ही भर्ती कराया गया है।
Two injured in scuffle between doctors at Rishikesh AIIMS
जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश एम्स में पांच दिवसीय ‘पाइरेक्सिया’ कार्यक्रम के बाद समापन समारोह आयोजित किया गया था। इस समापन समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में डॉक्टरों और छात्रों ने भाग लिया। इसी दौरान ऋषिकेश एम्स और जौलीग्रांट मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों के बीच किसी मामूली बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों पक्षों में बीच हल्की कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते यह मामला इतना बढ़ गया कि हाथापाई और लात घुसे भी चलने लगे। दोनों पक्षों के झगड़े के बीच किसी ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे दो डॉक्टर घायल हो गए। झगड़ा बढ़ने पर मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, पुलिस को देखते ही छात्र मौके से तितर-बितर हो गए।
डीजे बजाने को लेकर हुआ था विवाद
सूत्रों के अनुसार संस्थान परिसर में रात करीब दस बजे के बाद भी डीजे बजाया जा रहा था। जबकि संस्थान परिसर में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाना नियमों के खिलाफ है। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर ऋषिकेश एम्स और जौलीग्रांट मेडिकल कॉलेज के पीजी छात्रों के बीच विवाद शुरु हुआ था। इस मामले ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। एम्स चौकी प्रभारी साहिल वशिष्ठ ने बताया कि झगड़े में दो लोग घायल हुए हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने पुलिस को लिखित तहरीर नहीं दी है। शिकायत मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की जानकारी एम्स की कार्यकारी निदेशक को दे दी गई है।
घटना के बाद प्रशासन सतर्क
एम्स प्रशासन ने इस घटना के बाद कार्यक्रम आयोजन संबंधी नियमों की समीक्षा शुरू कर दी है। छात्रावासों और संस्थान परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम छात्रों द्वारा आयोजित किया गया था। “घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं,”।