सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि डॉक्टरों का काम समाज को नशे से दूर रहने की सलाह देना होता है, ऐसे में अगर कोई मेडिकल छात्रा खुद इस स्थिति में दिखे, तो यह डॉक्टरों की जिम्मेदारी और नैतिकता पर सवाल खड़े करता है।
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Video of drunk AIIMS Rishikesh student goes viral
ऋषिकेश: एम्स ऋषिकेश की एक छात्रा का नशे में धुत एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि युवती एम्स ऋषिकेश में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही एक छात्रा है। वीडियो वायरल आने के बाद से ही कई यूजर्स इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
Video of drunk AIIMS Rishikesh student goes viral
गौरतलब है कि यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है जब एम्स ऋषिकेश में विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और चिकित्सकों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। लेकिन इसी दौरान संस्थान की एक छात्रा का नशे की हालत में वीडियो सामने आना प्रबंधन और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती पूरी तरह नशे में धुत है और लगातार उल्टी कर रही है। युवती के पास में मौजूद एक महिला सुरक्षाकर्मी उसे संभालने की कोशिश कर रही है।
यूजर्स दे रहे तीखी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि डॉक्टरों का काम समाज को नशे से दूर रहने की सलाह देना होता है, ऐसे में अगर कोई मेडिकल छात्रा खुद इस स्थिति में दिखे, तो यह डॉक्टरों की जिम्मेदारी और नैतिकता पर सवाल खड़े करता है। कई लोगों ने पूछा कि “क्या ऐसी छात्रा आगे चलकर एक जिम्मेदार डॉक्टर बन पाएगी?” डॉक्टरी जैसी जिम्मेदार पेशे की पढ़ाई करने वाले कुछ छात्र किस तरह अपने माता-पिता की मेहनत की कमाई को व्यर्थ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि ऐसे विद्यार्थी अपने करियर के साथ-साथ अपने परिवार और संस्थान की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न
एम्स ऋषिकेश जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की छात्रा का नशे में वीडियो वायरल होना न केवल व्यक्तिगत अनुशासन की कमी को दिखाता है, बल्कि संस्थान के प्रबंधन, मार्गदर्शन और मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है।
एम्स ऋषिकेश संस्थान का नाम इससे पहले भी कई बार विवादों और जांचों में आ चुका है। कुछ साल पहले संविदा कर्मचारियों को निकाले जाने का मामला चर्चा में रहा था। वहीं, करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले में भी संस्थान का नाम सामने आया था, जिसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई कर एम्स के निदेशक सहित कई अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया था। अब इस नए वीडियो ने एक बार फिर से एम्स ऋषिकेश की छवि और अनुशासन प्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।