नानकमत्ता क्षेत्र में दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए..
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: 4 labourers died and 3 injured in road accident
उधमसिंह नगर: उत्तराखंड के नानकमत्ता क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में चार मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। ये सभी मजदूर दिवाली मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे।
4 labourers died and 3 injured in road accident
जानकारी के अनुसार, आज शनिवार सुबह नानकसागर डैम के पास एक मोड़ पर तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने ट्रैक्टर-ट्राली को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर-ट्राली अनियंत्रित होकर पलट गई और उसमें सवार और सभी मजदूर दब गए। इस घटना के बाद पिकअप वाहन का चालक मौके से फरार हो गया। ट्रैक्टर-ट्राली में सवार सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले थे और दिवाली मनाने के लिए अपने घर लौट रहे थे। ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार मजदूरों में हसनगढ़ निवासी गुरुमुख (17) पुत्र राजेंद्र, शीशपाल (22) पुत्र महावीर, जयवीर (31) पुत्र श्यामलाल, जयवीर पुत्र धर्मेंद्र साथ ही अमरोहा निवासी अखिलेश भी शामिल थे।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर एकत्रित हुए और उन्होंने तुरंत पुलिस और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। नानकमत्ता पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को उप जिला अस्पताल खटीमा भेजा। डॉक्टरों ने अस्पताल पहुंचते ही अखिलेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल गुरुमुख और जयवीर (पुत्र श्यामलाल) की इलाज के दौरान मौत हो गई। शीशपाल की हालत चिंताजनक होने पर उसे हल्द्वानी रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में सितारगंज के पास ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इनके अलावा जयपाल पुत्र धर्मेंद्र, प्रदीप और पुरुषोत्तम तीनों घायलों का अस्पताल में इलाज हो रहा है।
वाहन चालक की तलाश की जारी
पुलिस टीम द्वारा पिकअप वाहन चालक की तलाश की जा रही है। दीवाली मनाने घर लौट रहे मजदूरों की इस दर्दनाक मौत से उनके गांवों में शोक की लहर फैल गई है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है, घरों में दिवाली की खुशियां मातम में बदल गई हैं।