चंपावत ज़िले में एक शिक्षक ने दो मिलकर लोगों के साथ मिलकर बेरोजगार व्यक्ति को समाज कल्याण विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया, उसके बाद आरोपियों ने पीड़ित से 22 लाख रुपये ठगे..
-
राज्य समीक्षा डेस्क
-
Advertisement
Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers
A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.
Example Ads Media
Image: Rs 22 lakh duped in name of providing government job
चम्पावत: उत्तराखंड में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चंपावत ज़िले में एक व्यक्ति से समाज कल्याण विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 22 लाख रुपये की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने एक सरकारी शिक्षक और उसके दो सहयोगी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
Rs 22 lakh duped in name of providing government job
जानकारी के अनुसार, चंपावत जिले के तल्ली मादली निवासी 35 वर्षीय सरोजनी देवी द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज की गई। सरोजनी देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि लोहाघाट कोलीढेक निवासी सरकारी शिक्षक बलवंत सिंह रौतेला ने वर्ष 2023 में उनके पति से संपर्क किया था। शिक्षक बलवंत सिंह रौतेला ने उनसे दावा किया था कि 25 लाख रुपये लेकर सरकारी नौकरी दिला सकते हैं। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी शिक्षक उसके पति को देहरादून तक ले गए, जहाँ उनकी मुलाकात साईबाबा एनक्लेव निवासी विनय भट्ट नामक व्यक्ति से कराई गई।
पाँच अलग-अलग नियुक्ति पत्र
विनय भट्ट ने आगे उन्हें सचिवालय ले जाकर कविंद्र सिंह नाम के एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को सचिव बताया और समाज कल्याण विभाग में प्रबंधक पद के लिए नियुक्ति पत्र सौंप दिया। शुरुआत में सब कुछ असली लग रहा था। शिकायतकर्ता सरोजनी के पति ने रिश्तेदारों से उधार लेकर और अपनी जमापूँजी तोड़कर 22 लाख रुपये विनय भट्ट के खाते में ट्रांसफर किए। उसके बाद पीड़ित को 7 मार्च 2024 को समाज कल्याण विभाग में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश भी मिला। लेकिन जब नियुक्ति की तारीख बार-बार आगे बढ़ाई जाने लगी और एक के बाद एक पाँच अलग-अलग नियुक्ति पत्र दिए गए, तो पीड़ित को शक होने लगा।
तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उसके बाद जब उन्होंने अपने लेवल पर जांच की तो पता लगा कि “कविंद्र सिंह” नाम के व्यक्ति "जिसने से खुद को सचिव बताया" वो दरअसल मायाराम सोनी है। इस सच्चाई के सामने आते ही पीड़ित की पत्नी सरोजनी देवी ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता द्वारा दी गई की तहरीर के आधार पर बलवंत सिंह रौतेला, विनय भट्ट और मायाराम सोनी के खिलाफ धोखाधड़ी और झूठे दस्तावेज़ तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एसआई संदीप पिलख्वाल को सौंपी गई है।
पहले भी कर चुके हैं ऐसी धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी पहले भी लोहाघाट थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में संलिप्त रहे हैं। इससे पहले बीते 3 अक्टूबर को लोहाघाट डाक बंगला रोड निवासी मोहित पांडे ने नौकरी दिलाने के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया जा रहा है कि शिक्षक बलवंत रौतेला ने बाद में यह राशि वापस कर दी थी, और अब भी मामले को समझौते की दिशा में ले जाने की कोशिश जारी है।
पुलिस की आम जनता से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी पाने की लालच में किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रशासन ने कहा कि ऐसे लोग अक्सर बेरोजगार युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठगते हैं।